अमेठी सिटी। शिवम हत्याकांड का दूसरा और अहम पहलू सामने आया है। मुख्य आरोपी मान सिंह ने गिरफ्तारी के बाद पुलिस को बताया कि बेटी की सुरक्षा के लिए हत्या जैसा कदम उठाना पड़ा। शिवम के खिलाफ छेड़खानी का मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने उसे जेल भी भेजा था। जमानत पर रिहा होकर लौटा तो भी हरकत में सुधार नहीं हुआ। इस कारण पूरे गांव में परिवार की बदनामी हो रही थी।
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पुलिस ने भी मंगलवार देर शाम शिवम हत्याकांड का खुलासा भी किया। बताया कि पूछताछ में हत्यारोपी मान सिंह ने बताया कि शिवम पर बेटी से छेड़छाड़ करने के आरोप में केस दर्ज कराया था। शिवम जमानत पर रिहा होने के बाद आते-जाते बेटी को फिर परेशान कर रहा था। इस हरकत से आजिज होकर उसने शिवम को रास्ते से हटाने की योजना बनाई। इसमें गांव के विकास कुमार यादव उर्फ सूरज ने साथ दिया।
पुलिस के अनुसार योजना के तहत विकास ने शिवम को मुर्गी फार्म पर बुलाकर शराब पिलाई। शिवम के नशे में आने के बाद मान सिंह मौके पर पहुंचा और बांके से वार कर मौत के घाट उतार दिया। वहीं, ग्रामीणों में चर्चा है कि मानसिंह व विकास ने शिवम के साथ बैठ कर शराब पी। उसे समझाने पूरी कोशिश की। बात नहीं बनी तो उसकी हत्या कर दी।
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दो माह तक जेल में रहा शिवम
हत्या के मामले में जेल गए आरोपी मान सिंह के भाई ने ही शिवम पर जुलाई 2024 में भतीजी से छेड़छाड़ का आरोप लगाते हुए केस दर्ज कराया था। मामले में शिवम दो माह तक जेल में भी रहा। जमानत पर रिहा होकर आया था।
28 अप्रैल को होनी थी सुनवाई
शिवम के मामले की कोर्ट में पैरवी करने वाले अधिवक्ता रोहित तेजा ने बताया कि अपनी टीम के साथ सुल्तानपुर दीवानी न्यायालय में मामले की पैरवी कर रहे हैं। 28 अप्रैल को मामले में सुनवाई की तारीख नियत है, लेकिन इसके पहले शिवम की हत्या हो गई। उन्होंने बताया कि शिवम पर दर्ज छेड़छाड़ मामले की युवती का कोर्ट में पूर्व में बयान हो चुका है। बयान में युवती ने चाचा की ओर से दर्ज करवाए गए केस को नकारते हुए शिवम पर लगे आरोप को भी गलत बताया है। अधिवक्ता के अनुसार जल्द ही मामले में शिवम निर्दोष साबित हो जाता, लेकिन अपनी बेगुनाही सुनने से पहले शिवम इस दुनिया से चला गया।