जगदीशपुर। दिहाड़ी मजदूरों और प्रवासी श्रमिकों को अब चौराहों या फुटपाथों पर रात नहीं गुजारनी पड़ेगी। इनके लिए सुरक्षित और सुविधाजनक ठहरने की व्यवस्था की जा रही है। उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) ने 58.93 लाख रुपये की लागत से चार जिलों में छह श्रमिक सुविधा केंद्र बनाने की स्वीकृति दी है। इनमें से तीन केंद्र अमेठी जिले में बनाए जाएंगे।
मुख्य कार्यपालक अधिकारी मयूर माहेश्वरी ने बताया कि अमेठी के औद्योगिक क्षेत्र जगदीशपुर, उतेलवा और त्रिसुंडी में श्रमिक सुविधा केंद्र बनाए जाएंगे। इन केंद्रों के बनने से काम की तलाश में आने वाले दिहाड़ी और प्रवासी श्रमिकों को ठहरने की समुचित व्यवस्था मिलेगी। सरकार की मंशा है कि श्रमिकों को रोजगार का इंतजार करते समय असुरक्षित और असुविधाजनक जगहों पर भटकना न पड़े।
श्रमिकों के लिए विश्वकर्मा श्रमिक सराय योजना की शुरुआत की गई है। इस योजना के अंतर्गत बनने वाले केंद्रों में उन्हें स्वच्छ, सुरक्षित और सुविधाओं से युक्त स्थान पर ठहरने और रोजगार पाने का अवसर मिलेगा। इन केंद्रों पर श्रमिकों को रहने के साथ-साथ बुनियादी सुविधाएं भी मिलेंगी।
अमेठी के अलावा गोरखपुर, देवरिया और संतकबीर नगर के खलीलाबाद औद्योगिक क्षेत्रों में एक-एक श्रमिक सुविधा केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इन जिलों में भी स्थानीय श्रमिकों और प्रवासी मजदूरों को ठहरने के लिए सुरक्षित ठिकाना मिलेगा।
जल्द होगा निर्माण
यूपीसीडा जगदीशपुर निर्माण खंड-6 के वरिष्ठ प्रबंधक (सिविल) प्रदीप कुमार ने बताया कि औद्योगिक क्षेत्र जगदीशपुर, उतेलवा और त्रिसुंडी में तीनों केंद्रों के निर्माण की मंजूरी मिल गई है। जल्द ही निविदा प्रक्रिया पूरी कर कार्यदायी संस्था का चयन किया जाएगा और समयबद्ध तरीके से निर्माण कराया जाएगा।