अमेठी। बरसात के बाद जिले में संक्रामक बीमारियों का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है। बुखार से पीड़ित जिले के विभिन्न गांवों के संभावित 32 मरीजों की जांच में अब तक तीन मरीजों में डेंगू पाया गया है। डेंगू मरीज मिलने से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा है।
बुधवार को अमर उजाला टीम ने असैदापुर स्थित मलिक मोहम्मद जायसी संयुक्त जिला चिकित्सालय का रिएलिटी चेक किया। टीम को लैब में डेंगू जांच की किट व अन्य संसाधनों के साथ दो स्टाफ नर्स तैनात मिलीं तो चार बेड का एक वार्ड आरक्षित मिल। जिला अस्पताल में अब तक संभावित डेंगू पीड़ित 32 लोगों की जांच कराई जा चुकी है।
15 सितंबर को असैदापुर निवासी करुण कुमार तथा अस्पताल कैंपस निवासी राजू व सकरावां निवासी रचना 28 सितंबर को डेंगू पीड़ित मिले थे। उपचार के बाद तीनों को घर भेजा जा चुका है तो अस्पताल में भर्ती अन्नी बैजल गांव निवासी संध्या सिंह की बुधवार को जांच में डेंगू का लक्षण मिला।
जिला अस्पताल अधीक्षक डॉ. एसएन राय ने बताया कि डेंगू मरीजों की अधिकता को देखते हुए जिला अस्पताल में एक वार्ड डेंगू मरीजों के लिए आरक्षित कर दिया गया है। बताया कि अस्पताल में जांच किट के साथ दवाओं की मौजूदगी सुनिश्चित करा दी गई है।
चिकित्सक डॉ. शुभम पांडेय ने बताया कि डेंगू होने पर मरीज को तेज बुखार आना, बदन दर्द, जोड़ों में दर्द, शरीर पर चकत्ते पड़ जाते हैं। दांत, मुंह व नाक से खून आना, खून की जांच में प्लेटलेट्स एक लाख से कम होना डेंगू के प्रमुख लक्षण हैं।
सीएमओ डॉ. आशुतोष दुबे ने कहा कि डेंगू से बचाव के उपाय के लिए लोगों से घरों के छतों पर किसी भी पात्र में जल भराव न होने दें, कूलर आदि का पानी पांच दिन में बदलना आवश्यक है, घर के आसपास गड्ढ़े व खाली स्थान पर जल भराव नहीं होने दें, सोते समय मच्छर दानी का प्रयोग आवश्यक रूप से करें।
पूरी बाह का कपड़ा पहनें, घर की खिड़की व दरवाजों पर जाली लगवाएं, बुखार आने पर तत्काल नजदीकी सरकारी अस्पताल पहुंचकर चिकित्सक से परामर्श लें और चिकित्सक के परामर्श पर खून की जांच अवश्य कराने की अपील की है।