अमेठी सिटी। मक्के की फसल चरने की शिकायत को लेकर हुए विवाद में 23 वर्ष पूर्व हुई हत्या और एससी-एसटी एक्ट समेत अन्य आरोपों से जुड़े मामले में स्पेशल जज सुल्तानपुर राकेश पांडेय की अदालत ने शनिवार को तीन सगे भाइयों को दोषी करार दिया है। सजा के बिंदु पर सुनवाई के लिए तीन फरवरी की तिथि नियत की गई है।
जगदीशपुर के मड़वा गांव निवासी वादी गोपीचंद्र पासी ने छह अक्तूबर 2002 की शाम करीब सात बजे हुई घटना के संबंध में स्थानीय थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। वादी ने गांव के ही अवधेश बहादुर सिंह व उनके पुत्र शेष प्रताप सिंह, बृजेश प्रताप सिंह, अशोक प्रताप सिंह और शिवफूल सिंह के खिलाफ अपने भाई हरिप्रसाद की गोली मारकर हत्या करने समेत अन्य आरोप लगाए थे।
वादी के अनुसार उनके भाई हरिप्रसाद के मक्के के खेत में अवधेश बहादुर सिंह की गाय फसल चर लेती थी। हरिप्रसाद शिकायत करने अवधेश के पास गए थे। इसी दौरान उनकी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मामले में सभी आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल हुई और ट्रायल शुरू हुआ। विचारण के दौरान अवधेश बहादुर सिंह और उनके पुत्र अशोक प्रताप सिंह की मृत्यु हो गई। शेष तीन आरोपियों के खिलाफ स्पेशल कोर्ट में विचारण चला।
अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक ने कड़ी पैरवी की। अदालत ने तीनों भाइयों को हत्या सहित अन्य धाराओं में दोषी ठहराते हुए जेल भेजने का आदेश दिया है।