अमेठी सिटी। शिवरतनगंज के सेमरौता में शुक्रवार रात हुई फायरिंग की घटना को पांच दिन बीत चुके हैं, लेकिन आरोपी आदित्य तिवारी, हिस्ट्रीशीटर सलाउद्दीन और ऋषभ सिंह अब तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। सिर्फ एक आरोपी मुकेश कुमार बाजपेई को रविवार को पकड़ा गया था। दहशत फैलाने वाले युवकों की गिरफ्तारी न होने से पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं।
पीड़ित हिमांशु अवस्थी के मुताबिक चार पहिया वाहन से गांव पहुंचे हमलावरों ने गाली-गलौज करते हुए पिस्टल से पांच राउंड फायरिंग कर दहशत फैला दी थी। ग्रामीणों के जुटने पर आरोपी धमकी देते हुए भाग निकले थे। हिमांशु ने यह भी बताया कि फायरिंग से पहले उनके चाचा को धमकी भरा फोन कर गांव बुलाया गया था। इसकी रिकॉर्डिंग पुलिस को सौंप दी गई। इसके बावजूद आरोपी पुलिस की पकड़ में नहीं आ सके हैं।
पुलिस का कहना है कि लगातार दबिश दी जा रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस नतीजा सामने नहीं आया है। मंगलवार को भी पुलिस टीमें आरोपियों के संभावित ठिकानों पर पहुंचीं, लेकिन वह हाथ नहीं लगे। पीड़ित का कहना है कि हमलावर खुलेआम घूम रहे हैं, जिससे उन्हें किसी भी वक्त फिर से हमला होने का डर सता रहा है। कई ग्रामीणों ने कहा कि अगर पुलिस ने समय पर कार्रवाई की होती तो आरोपी अब तक पकड़े जा चुके होते। सीओ मुसाफिरखाना दिनेश मिश्र ने बताया कि मामला गंभीर है। पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। जल्द ही सभी आरोपी पकड़ लिए जाएंगे।