अमेठी सिटी। 35 से अधिक समितियों में यूरिया नहीं है। पैसा जमा होने के बाद भी समितियों को यूरिया नहीं मिल पा रही है। वहीं इफको केंद्रों पर घंटों इंतजार के बाद किसानों को यूरिया मिल पा रही है।
इफको रैक आने के बाद भी जिले में यूरिया की किल्लत बरकरार है। जिला मुख्यालय स्थित गौरीगंज के माधोपुर साधन सहकारी समिति पर सोमवार को ताला लटका मिला। इसके अलावा सैठा, ताला, खेरौना, राजापुर अमेरूआ, करौंदी सहित कई समितियों पर यूरिया उपलब्ध नहीं है। ऐसे में किसान निजी दुकानों व बड़े इफको केंद्रों का चक्कर काटने को मजबूर हो रहे हैं।
गौरीगंज स्थित इफको केंद्र पर सोमवार को 600 बोरी यूरिया उपलब्ध थी। दोपहर करीब 12 बजे 200 से अधिक किसान लाइन लगाए खड़े दिखाई दिए। किसान सियाराम ने बताया कि माधोपुर सहित दो समितियों पर यूरिया लेने के लिए गए तो वहां पर ताला बंद मिला। यहां इफको सेंटर में सुबह 10 बजे से लाइन में लगे हैं, अभी नंबर आया है। किसान संतराम, सुरेंद्र कुमार, श्यामकली, मालती, शुभम ने बताया समितियों संग निजी दुकानों पर यूरिया नहीं है। जिम्मेदार सिर्फ पर्याप्त यूरिया का दावा करते हैं। पहले निजी दुकानों पर यूरिया मिल जाती थी, इस बार वहां भी खाद नहीं मिल पा रही है। खाद न मिलने से किसान परेशान हैं।
जिला कृषि अधिकारी डॉ. राजेश कुमार यादव ने यूरिया के पर्याप्त स्टॉक का दावा किया। कहा कि समितियाें ने अगर पैसा जमा किया है तो वहां बफर स्टॉक से यूरिया की आपूर्ति कराई जा रही है।
निजी दुकानों पर सख्ती ने बढ़ाई परेशानी
फुटकर खाद विक्रेता इस बार यूरिया की बिक्री करने से कतरा रहे हैं। नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि पहली बात तो खाद ही नहीं मिल रही है। थोक विक्रेता के यहां से अगर मिल भी रही है तो महंगी। ऐसे में 20 से 30 रुपये प्रति बोरी अधिक लेना पड़ता है। विभाग के अफसरों की सख्ती के कारण यूरिया की बिक्री नहीं की जा रही है।