अमेठी सिटी। मौसम में बदलाव के कारण बुखार के मरीज बढ़े हैं। गौरीगंज और बाजारशुकुल सीएचसी में तेज बुखार से तत्काल राहत दिलाने के लिए लगने वाला 100 एमएल पैरासिटामॉल इंजेक्शन नहीं है। मरीजों को बाहर से महंगे दामों पर यह इंजेक्शन खरीदना पड़ रहा है।
इस समय सरकारी व निजी अस्पतालों की ओपीडी में बुखार के मरीज ज्यादा आ रहे हैं। तेज बुखार से परेशान मरीजों को तत्काल राहत दिलाने के लिए इंजेक्शन का सहारा लिया जाता है। इसमें आईएम (इंट्रामस्क्युलर) और आईवी (इंट्रावेनस) पैरासिटामॉल के इंजेक्शन लगाए जाते हैं। 100 एमएल पैरासिटामॉल इंजेक्शन आईएम दिया जाता है, जिससे तत्काल मरीजों को राहत मिल जाती है।
बाजारशुकुल सीएचसी पर 100 एमएल पैरासिटामॉल इंजेक्शन व 500 एमजी एजिथ्रोमाइसिन टैबलेट उपलब्ध नहीं है। वहीं, गौरीगंज सहित कई सीएचसी पर भी 100 एमएल पैरासिटामॉल इंजेक्शन नहीं मिलने की शिकायत मरीज कर रहे हैं। गौरीगंज जिला अस्पताल में सीएमएस की ओर से इस इंजेक्शन की व्यवस्था इमरजेंसी में कराई गई है।
जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. अमित कुमार ने बताया कि वायरल बुखार, डेंगू व मलेरिया आदि के मरीजों को जब बहुत तेज बुखार आता है और पैरासिटामॉल टैबलेट से राहत नहीं मिलती है, तब मरीजों को तत्काल राहत देने के लिए 100 एमएल पैरासिटामॉल इंजेक्शन दिया जाता है। यह आईएम इंजेक्शन व टैबलेट की अपेक्षा मरीज को जल्द राहत देता है।
उपलब्ध है टैबलेट और इंजेक्शन
सीएमओ डॉ. अंशुमान सिंह ने बताया कि 150 एमजी पैरासिटामॉल इंजेक्शन व पैरासिटामॉल टैबलेट अस्पतालों में उपलब्ध है। दवाओं की कमी नहीं है। संबंधित अधीक्षकों को पर्याप्त दवाएं अस्पताल में रखने का निर्देश दिया गया है। जन औषधि केंद्र पर महंगे दाम पर दवा बेचने वाले के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।