जगदीशपुर। जगदीशपुर गांव में रविवार रात हथियारबंद बदमाशों ने रामदेव यादव के घर पर धावा बोला। असलहे के बल पर बदमाश करीब 25 लाख रुपये से अधिक के जेवर ले उड़े। वहीं दूसरी ओर पुलिस पूरी वारदात को संदिग्ध बता रही है।
रामदेव ने बताया कि उनका बेटा संजय रविवार को दिल्ली नौकरी करने गया था। रात में वह बरामदे में सो रहे थे। पत्नी कलावती, बेटियां प्रीति और प्रिया अंदर सो रही थीं। सामने वाले कमरे में बहू सरिता अपनी दो वर्षीय बेटी नव्या के साथ सोई थी। देर रात छत के रास्ते बदमाश आंगन में आ गए। उन्होंने सबसे पहले बरामदे में रखे बड़े बक्से का ताला तोड़ा। इसके बाद कमरे की कोठरी खोलकर आधा दर्जन बक्से खंगाल डाले।
इसी बीच बदमाश सरिता के पास पहुंचे और उसके पैरों से पायल उतारने लगे। हलचल से सरिता की नींद टूट गई। वह शोर मचाती, इसके पहले ही बदमाशों ने तमंचा तानकर जान से मारने की धमकी दी। उन्होंने सरिता से मंगलसूत्र छीन लिया और बच्ची नव्या के पैरों से पायल भी उतरवा ली।
बदमाशों के भागने के बाद सरिता ने हिम्मत जुटाई और शोर मचाया, जिसके बाद घरवालों को वारदात की जानकारी हुई। थाना प्रभारी निरीक्षक धीरेंद्र कुमार यादव ने बताया कि पूरा मामला संदिग्ध लग रहा है। जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद ही कार्रवाई होगी।