जगदीशपुर। लखनऊ–सुल्तानपुर–वाराणसी रेल ट्रैक पर सिंदुरवा में बना रेलवे अंडरपास उद्घाटन के एक माह के भीतर ही बंद हो गया। ठेकेदार ने फर्श की कंक्रीट परत सूखने का हवाला देकर अंडरपास के बीच मिट्टी का ढेर डाल दिया है, जिससे आवागमन पूरी तरह बंद हो गया है। इसके निर्माण में 5.11 रुपये खर्च हुए हैं। अंडरपास से आवागमन बंद हो जाने के कारण 50 हजार से अधिक लोगों को 10 किलोमीटर तक का अतिरिक्त चक्कर लगा कर गंतव्य तक पहुंचने की परेशानी उठाना पड़ रही है।
अंडरपास बनने से सौना, पूरे दीना पाठक, निरहीगढ़, सरैया पीरज्यादा, व्योरेमऊ और सिंदुरवा समेत 20 गांवों के लोगों को आवागमन में काफी सहूलियत मिलने लगी थी। क्षेत्रीय लोगों ने बताया कि अंडरपास चालू होने के बाद उन्हें लखनऊ– वाराणसी हाईवे पहुंचने में बहुत कम समय लगता था, लेकिन एक माह में ही इसके बंद हो जाने से आवागमन में फिर परेशानी होने लगी है।
मोहम्मद अक्साम, मदन बाजपेयी, इलियास और इसराक ने बताया कि ठेकेदार और निर्माण एजेंसी की लापरवाही का खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। अंडरपास के उद्घाटन के कुछ दिन बाद ही फर्श में दरारें और असमानता दिखने लगी थी। शिकायतों पर रेलवे अधिकारियों ने 10 दिन पहले ही फर्श पर नई कंक्रीट की परत भी बिछवाई थी। अब ठेकेदार ने बिना किसी सूचना के मिट्टी डालकर रास्ता बंद कर दिया, जिससे आवागमन पूरी तरह बंद हो गया है।
अचानक रास्ता बंद हो जाने से स्कूली बच्चों, मरीजों और कामकाजी लोगों को सबसे ज्यादा दिक्कत हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर फर्श का काम अधूरा था तो उद्घाटन से पहले ही उसे पूरा कराया जाता। उन्होंने रेलवे प्रशासन से मार्ग को आवागमन के लिए तुरंत खोलने और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग भी की है।
कंक्रीट सूखने के बाद खोला जाएगा रास्ता
सुल्तानपुर में तैनात कार्य निरीक्षक रेलवे वीरेंद्र यादव ने बताया कि अंडरपास की फर्श का कार्य पूरा किया गया है। कंक्रीट के सूखने तक मार्ग अस्थायी रूप से बंद रखा गया है। जल्द ही रास्ता खोलकर आवागमन बहाल किया जाएगा।