अमेठी। लखनऊ–वाराणसी रेल खंड पर रेभा गांव के पास बना अंडरपास ग्रामीणों के लिए तो खोल दिया गया, लेकिन उससे जुड़ी सड़क न बनने से परेशानी बढ़ गई है। निर्माण के दौरान तैयार की गई अस्थायी सड़क अब पूरी तरह जर्जर हो चुकी है। जगह-जगह बने गड्ढों और कीचड़ से भरे मार्ग ने अंडरपास से गुजरना मुश्किल कर दिया है।
ग्रामीणों का कहना है कि अंडरपास बनने के बाद उन्हें उम्मीद थी कि अब रेलवे ट्रैक पार करने की समस्या खत्म होगी, लेकिन अधूरी सड़क ने राहत की जगह नई मुसीबत खड़ी कर दी है। बरसात के दिनों में स्थिति और बिगड़ जाती है। सड़क पर जमा पानी और कीचड़ के कारण आवागमन में दिक्कत आती है। जयरामपुर, रेभा, मनीरामपुर, मंधरपट्टी, महसो, गंगौली, चचकापुर, बिरहिनपुर, रामदयपुर सहित 30 से अधिक गांवों के लोग इस समस्या से जूझ रहे हैं। क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि अंडरपास तो चालू है, लेकिन टूटी सड़क के कारण बच्चों और महिलाओं चलना दुश्वार बना है।
नॉर्दर्न रेलवे के आईओडब्ल्यू शिवमूर्ति ने बताया कि रेलवे की ओर से अंडरपास का निर्माण पूरा कर दिया गया है। सड़क निर्माण का कार्य लोक निर्माण विभाग के अधीन है। विभाग को पत्र भेजकर मरम्मत और सड़क निर्माण की प्रक्रिया शुरू करने के लिए कहा गया है। (संवाद)