अमेठी। शहर स्थित डॉ. भीमराव आंबेडकर स्टेडियम के हुए कायाकल्प की जांच रिपोर्ट मिलने के बाद हैंडओवर की कार्रवाई होगी। निरीक्षण के दौरान खामियां मिलने के बाद डीएम ने जांच कमेटी गठित की है। हैंड ओवर प्रक्रिया अधर में होने के चलते खिलाडिय़ों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
डॉ. भीमराव अंबेडकर स्टेडियम में 493.20 लाख रुपए की लागत से नामित कार्यदायी संस्था उत्तर प्रदेश राज्य निर्माण सहकारी संघ लिमिटेड निर्माण प्रखंड सुल्तानपुर की ओर से निर्माण कार्य कराया गया है। बता दें कि 28 अगस्त 2019 को शिलान्यास होने के बाद स्टेडियम परिसर में निर्माण कार्य शुरू किया गया। उक्त निर्माण कार्य जून 2021 में पूर्ण किया जाना था। कुछ कारणों नियत समय पर निर्माण पूरा नहीं हो पाया था।
शासन से जारी राशि से स्टेडियम परिसर स्थित बहुउद्देशीय हॉल (बैडमिंटन हॉल), टेबल टेनिस हाल, जिम हाल, तरणताल, पवेलियन, 2500 वर्ग मीटर में सीसी रोड, मिल्टरेशन प्लांट, टिकट काउंटर कक्ष, पंप रूम, सबमर्सिबल पंप, बाउंड्रीवॉल, लाइट, मेन गेट, हॉस्टल गेट तथा मैदान उच्चीकरण के तहत मिट्टी भराई एवं मैदान में घास आदि कार्य होना था। संस्था ने काम भी पूरा करा लिया।
इधर, हैंडओवर की कार्रवाई को लेकर प्रक्रिया चल रही थी। इसी बीच वहां पहुंचे डीएम राकेश कुमार मिश्र ने टेक्निकल टीम की मौजूदगी में स्टेडियम परिसर में हुए निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया तो कई खामियां उजागर हुईं। नाराज डीएम ने जांच टीम गठित कर दी। रिपोर्ट आने के बाद हैंडओवर की प्रक्रिया की जाएगी। इससे खिलाड़ियों को प्रैक्टिस करने में परेशानी आ रही है।
नहीं शुरू हो सका तरणताल का संचालन
गर्मी के मौसम में तैराकी के शौकीन तरणताल में जाना पसंद करते हैं। स्टेडियम परिसर स्थित तरणताल का कार्य पूरा हो गया है। पिछले वर्ष ट्रायल बेस पर संचालित किया गया था। इस वर्ष अप्रैल माह में तरणताल का संचालन नहीं शुरू होने से तैराकी के शौकीनों को मायूस होना पड़ रहा है। हैंडओवर प्रक्रिया नहीं होना तरणताल शुरू होने के संबंध में बाधक बताई जा रही है।
खिलाड़ियों को मिलेगी बेहतर सुविधा
निर्माण कार्यों की गुणवत्ता के लिए जांच कमेटी गठित की गई है। डीएम के निरीक्षण में जो भी कमियां मिली थी उसकी रिपोर्ट आने के बाद ही हैंडओवर की कार्रवाई शुरू की जाएगी। जल्द ही खिलाड़ियों को खेलने की बेहतर सुविधा मिल सकेगी।
आनंद बिहारी श्रीवास्तव-जिला क्रीडाधिकारी