अमेठी सिटी। संपूर्ण समाधान दिवस में शनिवार को गौरीगंज तहसील सभागार में पहुंची पठखौली गांव निवासी रेनू पाठक ने डीएम संजय चौहान के समक्ष गुहार लगाई कि दो घरों के बीच रास्ता है। विपक्षियों ने आठ दिन पूर्व पक्की दीवार बनाकर जबरन रास्ता बंद कर दिया है। थाने व तहसील में शिकायत करने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। डीएम ने मौके पर मौजूद तहसीलदार से मौक पर जा कर समस्या को निस्तारित करने के लिए निर्देशित किया।
इसी तरह गौरीगंज के पचेहरी वार्ड नंबर तीन निवासी अवध नारायण ने डीएम को बताया कि बीते तीन वर्षों से रास्ते के लिए जनसुनवाई, संपूर्ण समाधान दिवस सहित आईजीआरएस के माध्यम से शिकायत कर रहे हैं लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही। निस्तारण की जगह उन्हें सिर्फ आश्वासन मिल रहा है। ठंड को देखते हुए तहसील परिसरों में फरियादियों के लिए अलाव की व्यवस्था भी कराई गई थी।
इस दौरान गौरीगंज के अलावा अमेठी, मुसाफिरखाना और तिलोई तहसील में आयोजित समाधान दिवस में कुल 96 शिकायतें आईं। सुनवाई के दौरान मौके पर 12 मामलों को पक्षकारों की सहमति के आधार पर निस्तारित भी कराया गया। शेष शिकायतों के निस्तारण के लिए टीमें गठित कर दी गईं।
आदेश के बाद भी नहीं हुई नपाई
ब्लॉक जामों के गोंदीपुर भोएं निवासी बासुदेव शुक्ल ने बताया कि उपजिला मजिस्ट्रेट न्यायालय में पांच वर्ष तक बंटवारे का मुकदमा चलने के बाद 21 मई 2025 को पैमाइश का आदेश हुआ था। इसके लिए सभी पक्ष सहमत भी है। इसके बावजूद राजस्व निरीक्षक और लेखपाल पैमाइश के लिए नहीं आ रहे हैं।
लेखपाल गलत कर रहे पैमाइश
भटगवां निवासी मालती मौर्य ने बताया कि उनका कच्चा मकान गिर गया था। उनकी पुश्तैनी जमीन पर विपक्षी कब्जा करना चाहते हैं। आरोप लगाया कि लेखपाल विपक्षियों से मिलकर गलत पैमाइश कर उन्हें परेशान कर रहे हैं।