अमेठी। लॉकडाउन फेज-3 से प्रवासी श्रमिकों के आने का सिलसिला रूकने का नाम नहीं ले रहा है। आरक्षित वाहन के साथ स्पेशल ट्रेन से पहुंच रहे प्रवासी श्रमिकों की जांच के नाम पर सिर्फ औपचारिकता निभाते हुए उन्हें होम क्वारंटीन की नोटिस देकर जिम्मेदार औपचारिकता निभाने में जुटे हैं। ऐसे में ग्रामीण कोरोना संक्रमण फैलने के अंदेशा से परेशान हैं।
कोविड-19 संक्रमण रोकने के लिए केंद्र सरकार की ओर से घोषित लॉकडाउन में रियायत मिलने के बाद महाराष्ट्र्र, गुजरात, राजस्थान समेत गैर प्रांत में फंसे श्रमिकों का जिले में पहुंचने का सिलसिला लगातार बढ़ता जा रहा है।
शासन की ओर से स्पेशल ट्रेन के साथ प्रवासी श्रमिक मालवाहक वाहन के साथ आरक्षित वाहनों से जिले में पहुंचे रहे हैं। जिले में पहुंचने के बाद सीएचसी समेत कई स्थानों पर थर्मल जांच व डाटा संग्रहित करने की व्यवस्था बनाई गई है।
जांच के नाम नामित कर्मचारी औपचारिकता निभाते हुए उन्हें होम क्वारंटीन की नोटिस देकर अपनी जिम्मेदारी पूरी करने में जुटे हैं। गांवों में प्रतिदिन पहुंच रहे बड़ी संख्या में प्रवासी श्रमिकों के आने से कोरोना वायरस संक्रमण फैलने का अंदेशा बढ़ता जा रहा है।
ग्रामीण गैर प्रांत से आए लोगों के गांव में लगातार खुलेआम घूमने तथा परिवार के साथ रहने से कोरोना संक्रमण फैलने के अंदेशा से परेशान हैं। डीएम अरुण कुमार ने बताया कि गांव पहुंच रहे श्रमिकों की निगरानी के लिए सभी गांवों में निगरानी समिति का गठन किया गया है।
गठित समिति प्रतिदिन गैर प्रांत से आए लोगों की सूचना संकलित कर उनकी स्क्रीनिंग कराते हुए रिपोर्ट दे रही है। सभी को होम क्वारंटीन कराते हुए संक्रमण को नियत्रिंत करने की कोशिश की जा रही है। कहा कि उल्लंघन करने वालों को चिन्हित कर उनके खिलाफ कार्रवाई का निर्देश संबंधित एसडीएम व थाना प्रभारियों को दिया गया है।