जिला अस्पताल की ओपीडी में मरीजों का इलाज करते चिकित्सक। संवाद
अमेठी सिटी। ठंड ने गठिया व जोड़ों के दर्द के मरीजों की परेशानी बढ़ा दी है। जिला अस्पताल के अस्थि रोग विभाग की ओपीडी में अर्थराइटिस, ऑस्टियो अर्थराइटिस, पुरानी चोटों और विटामिन की कमी से जूझ रहे मरीजों की लाइन लग रही है। चिकित्सक मरीजों को दवा देने संग उन्हें मौसम के प्रति सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं।
ठंड का असर हड्डियों और मांसपेशियों पर बहुत तेजी से पड़ता है। जिन लोगों को पहले से गठिया या पुरानी चोट की समस्या है, उन्हें विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। जिला अस्पताल के अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ. राजीव शुक्ल ने बताया कि ठंड के कारण रक्त नलिकाएं सिकुड़ जाती हैं।
इससे जोड़ों और मांसपेशियों में रक्त प्रवाह कम हो जाता है। कम रक्त प्रवाह और गर्माहट की कमी के कारण जोड़ों और मांसपेशियों में जकड़न बढ़ जाती है। इससे घुटने, कमर, कंधे और कोहनी के जोड़ प्रभावित होते हैं।
सुबह के समय दर्द और कठोरता अधिक रहती है। इससे मरीजों को चलने-फिरने में परेशानी होती है। सर्दी में पुरानी चोट, गठिया, ऑस्टियो अर्थराइटिस, रूमेटाइड अर्थराइटिस की समस्या भी बढ़ जाती है। इससे बुजुर्गों को ज्यादा दर्द होता है। युवाओं में विटामिन डी या कैल्शियम की कमी होने पर दर्द की समस्या होती है। ऐसे में लोगों को खानपान के साथ दिनचर्या में भी बदलाव करना होगा।
लोगों को सर्द मौसम में ठंडी हवा के संपर्क में आने से बचाना चाहिए। इसके साथ ही बिना सलाह के दर्द निवारक दवा नहीं लेनी चाहिए। दर्द लगातार बढ़ रहा हो या सूजन दिखाई दे तो तुरंत डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।