बाजारशुकुल (अमेठी)। ब्लॉक क्षेत्र की तीन ग्राम पंचायतों की विकास निधि निजी फर्म के खाते में डोंगल लगा पीएफएमएस पोर्टल से ही अंतरित की गई है। तकनीकी टीम की जांच में मामले का खुलासा हुआ है। जांच में ग्राम प्रधान व सचिव स्तर से लापरवाही बरतने की भी पुष्टि हुई है। उम्मीद है कि टीम सोमवार को अपनी रिपोर्ट देगी, जिसके बाद दोनों पर कार्रवाई तय मानी जा रही है।
विकास खंड बाजारशुकुल की ग्राम पंचायत तेंदुआ, संसारपुर व खेममऊ को आवंटित 17,91, 950 रुपये की निधि क्षेत्र में ही संचालित एक निजी फर्म के बैंक खाते पहुंच गई थी। अंतरित धनराशि में से 5.30 लाख रुपये की दो पेमेंट निरस्त होने के बाद जांच के दौरान वापस लौट आए। मामले की जांच के लिए गठित तकनीकी समिति की जांच पूरी हो गई। जांच में नियमानुसार पीएफएमएस पोर्टल से डोंगल लगा धनराशि अंतरित होने का मामला प्रकाश में आया है।
जांच के दौरान मामले में ग्राम प्रधान व सचिव स्तर से बड़ी लापरवाही बरतने की भी पुष्टि हुई है। टीम जांच पूरी करने के बाद रिपोर्ट डीपीआरओ को सौंपने की तैयारी में है। टीम ने रिपोर्ट सार्वजनिक करने से इन्कार कर दिया। हालांकि सूत्रों की बातों पर यकीन करें तो सोमवार को टीम अपनी रिपोर्ट डीपीआरओ को सौंपेगी। रिपोर्ट के बाद ग्राम प्रधान व सचिव पर कार्रवाई तय मानी जा रही है।
एडीओ पंचायत अशोक कुमार ने बताया कि मामले की जांच टीम की ओर से पूरी की जा रही है। जांच रिपोर्ट सोमवार को डीपीआरओ को सौंपी जाएगी। रिपोर्ट सार्वजनिक करने से इन्कार कर दिया।
फर्म संचालक फरार, तलाश में जुटी पुलिस
तीन ग्राम पंचायतों की विकास निधि कस्बे में ही संचालित बाबा इंटरप्राइजेज के प्रोपराइटर अमरेश गिरि के खाते में अंतरित हुई है। मामले में सचिव की तहरीर पर पुलिस ने केस दर्ज किया है। केस दर्ज करने के बाद पुलिस फर्म संचालक की तलाश कर रही है, लेकिन उसका पता नहीं चल रहा है। उधर, फर्म संचालक के पिता ने भी पुलिस को तहरीर देकर पुत्र अमरेश गिरि के लापता होने व अनहोनी की आशंका जाहिर करते हुए कार्रवाई की मांग की है। एसओ दयाशंकर मिश्र ने बताया कि फर्म संचालक मोबाइल बंद कर गायब है। उसकी तलाश में संभावित स्थानों पर दबिश दी जा रही है। जल्द ही गिरफ्तार कर मामले में वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।