तिलोई। अधिवक्ताओं के कार्य न करने के कारण तहसील से जुड़ी राजस्व अदालतों में मंगलवार को न्यायिक कार्य प्रभावित रहा। हालांकि पीठासीन अधिकारी अदालतों में सुनवाई के लिए उपस्थित रहे, मगर पक्षकारों से जुड़े अधिवक्ताओं के न आने से वादों की सुनवाई टालना पड़ी। इससे ठंड में परेशानी उठाकर राजस्व कोर्ट पहुंचे करीब दो सौ वादों से जुड़े पक्षकारों को फिर तारीख लेकर मायूस लौटना पड़ा।
मंगलवार को उप जिलाधिकारी न्यायालय में 55, उप जिलाधिकारी न्यायिक की अदालत में 89, तहसीलदार कोर्ट में 49, तहसीलदार न्यायिक के यहां 47, नायब तहसीलदार उत्तरी के यहां 21 और नायब तहसीलदार दक्षिणी के यहां 28 मुकदमे सुनवाई के लिए लिस्टेड थे। कोर्ट में सुनवाई के लिए पीठासीन के मौजूद होने के बावजूद इन सभी वादों में सुनवाई न हो पाने के कारण अगली तारीख देना पड़ी।
जय नगरा निवासी राम किशोर और शिवदुलारी ने बताया कि उनका वाद कई वर्षों से लंबित है। हर पेशी पर तारीख ही मिलती है। रतवलिया के श्याम मनोहर ने कहा कि एक वर्ष से न्यायालय के चक्कर लग रहे हैं, समाधान की उम्मीद कम होती जा रही है। अधिवक्ता संघ के महामंत्री सुरेंद्र कुमार शुक्ला ने बताया कि एक अधिवक्ता के परिवार में निधन होने पर शोक प्रस्ताव रखा गया था, जिस कारण अधिवक्ता कार्य से विरक्त रहे।
तहसीलदार अभिषेक कुमार यादव ने कहा कि अधिकारी नियमित रूप से अदालतों में बैठते हैं। बार एसोसिएशन के प्रस्ताव के कारण न्यायिक कार्य बाधित होता है। बार के साथ समन्वय बनाकर मुकदमों के निस्तारण का प्रयास जारी है।