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Amethi News: 48 घंटे बाद किया युवक का अंतिम संस्कार

Mon, 14 Oct 2024 04:23 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
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भादर (अमेठी)। पीपरपुर थाना क्षेत्र का गहरी गांव शनिवार को विजयदशमी के जश्न के बजाए गम में डूब रहा। शुक्रवार की रात शव गांव पहुंचने के बाद परिजन हमलावर की गिरफ्तारी के बाद अंतिम संस्कार करने की जिद पर अड़ गए। 48 घंटे चले मान-मनौवल के बाद एसडीएम से मिले लिखित आश्वासन के बाद रविवार को परिजनों ने सुल्तानपुर के धोपाप घाट पर शव का अंतिम संस्कार किया।
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पीपरपुर थाना क्षेत्र के गहरी निवासी भोलानाथ तिवारी के पुत्र विमलेश का शव शुक्रवार देर शाम गांव पहुंचा तो कोहराम मच गया। गमगीन व आक्रोशित परिजन हमलावर की गिरफ्तार की मांग पर अड़ गए। उन्होंने कहा कि जब तक हमलावर की गिरफ्तारी नहीं होगी, तब तक वह युवक का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। परिजनों का कहना था कि उन्हें 50 लाख की आर्थिक सहायता के साथ ही घर के एक सदस्य को नौकरी भी दी जाए। यह सुनकर पुलिस-प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए।


इसके बाद परिजनों की मान-मनौवल शुरू हो गई। सूचना के बाद पहुंचे एसडीएम आशीष कुमार व सीओ जगदीश कुमार ने परिजनों से वार्ता की। अंत में एसडीएम ने नियमानुसार आर्थिक मदद व नौकरी देने की संस्तुति करने का भरोसा दिलाते हुए आक्रोशित परिजनों को शांत करवाया। एसडीएम से मिले आश्वासन के बाद परिजनों ने रविवार को सुल्तानपुर जिले के गोमती नदी के धोपाप घाट पर विमलेश का अंतिम संस्कार कर दिया। अंतिम संस्कार होने के बाद पुलिस ने राहत की सांस ली।
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भाई ने धर्मकांटा संचालक पर लगाए गंभीर आरोप
मृतक विमलेश के बड़े भाई अखिलेश तिवारी ने धर्मकांटा संचालक पर गंभीर आरोप मढ़े हैं। कहा कि उसके भाई की मौत की पूरी जिम्मेदारी धर्मकांटा संचालक की है। धर्मकांटा संचालक न तो उसके भाई को ट्राॅमा सेंटर इलाज के लिए ले गया और न ही पोस्टमार्टम करवाने गया। मामले की सूचना भी घर पर नहीं दी। सीसीटीवी फुटेज मिटाकर तथ्य छिपाने की कोशिश की जा रही है। पुलिस को पूरे मामले में मालिक की भूमिका की भी जांच करनी चाहिए।


धर्मकांटा मालिक ने दी परिवार को दी आर्थिक सहायता
विमलेश तिवारी की मौत के बाद शनिवार को उसके गांव पहुंचे समीउल्ला ने एसडीएम आशीष कुमार की मौजूदगी में परिजनों को तीन लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी। इतना ही नहीं परिवार को पूरे मामले की जांच व कार्रवाई में हरसंभव मदद का भरोसा भी दिया।
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