जगदीशपुर (अमेठी)। लखनऊ-वाराणसी हाईवे पर बृहस्पतिवार की रात बदमाश ने धर्मकांटा के केबिन में सो रहे जेसीबी चालक की हथौड़े से मारकर हत्या कर दी थी। हत्या के 48 घंटे बाद भी पुलिस हमलावर तक नहीं पहुंच पाई। सीसीटीवी फुटेज में बदमाश के कैद होने के बाद भी पुलिस खाली हाथ है।
पीपरपुर थाना क्षेत्र के गहरी गांव का विमलेश तिवारी उर्फ बलई (25) जगदीशपुर थाना क्षेत्र के सिधियावां गांव निवासी समीउल्ला के यहां जेसीबी चालक के रूप में काम करता था। बृहस्पतिवार की रात धर्मकांटा के केबिन में सोते समय हथौड़े से मारकर उसकी हत्या कर दी गई थी। इस मामले में समीउल्ला के पुत्र की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात हमलावर पर केस दर्ज किया था। फोरेंसिक व सर्विलांस सेल टीम ने मौके पर पहुंच कर साक्ष्य संकलित किए थे।
एसपी अनूप सिंह सहित अन्य अफसरों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया था। इसके बाद एसपी ने घटना के खुलासे के लिए जगदीशपुर के साथ बाजारशुकुल, पीपरपुर, सर्विलांस, स्वाट टीम को लगाया था। हत्या के 48 घंटे बाद पांचों टीमें अब तक खाली हाथ हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार हमलावर इतना शातिर था कि उसने चेहरे पर मास्क के साथ हाथों में ग्लव्स पहन रखे थे। इससे पहचान में कठिनाई हो रही है। अब तक पुलिस इस नतीजे पर भी नहीं पहुंच पाई है कि हत्या के पीछे की वजह क्या थी।
फिलहाल टीम हत्या के कारणों की कड़ी जोड़ते हुए हमलावर की पहचान की कोशिश में लगी है। पुलिस का मानना है कि लूट व चोरी की नीयत से हत्या नहीं हुई है। पुलिस को गुमराह करने के लिए पड़ोस की दुकान में चोरी के साथ धर्मकांटा केबिन में अलमारी में रखे सामानों को तितर-बितर किया गया है।
एसएचओ धीरेंद्र यादव ने बताया कि मामले के हर पहलू की जांच की रही है। जांच में कुछ सुराग मिले है। टीम हमलावर की तलाश में जुटी है। जल्द ही हमलावर को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा किया जाएगा।