अमेठी। नकली उर्वरक व कीटनाशक फैक्टरी पकड़े जाने के मामले में गठित तीन सदस्यीय जांच टीम मंगलवार को प्रमोद आलोक इंटर कॉलेज पहुंची। टीम ने विद्यालय परिसर का स्थलीय निरीक्षण किया और कॉलेज प्रबंधक के बयान भी दर्ज किए। वहीं इस मामले में मुख्य आरोपी शिवम तिवारी को पुलिस अब तक नहीं पकड़ सकी है।
सोनारीकला स्थित राजकीय बालिका इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य रत्नेश कुमार की अध्यक्षता में गठित टीम में राजकीय हाईस्कूल अमेठी के प्रधानाचार्य अनुज मौर्य और राजकीय हाईस्कूल अफोइया के प्रधानाचार्य अनिल कुमार रागिया जांच करने पहुंचे। कॉलेज प्रबंधक से पूछताछ कर उनका पक्ष दर्ज किया गया। रत्नेश कुमार ने बताया कि टीम ने विद्यालय की मान्यता से जुड़े कागजात, संबंधित कमरे का एग्रीमेंट, प्रबंधक और प्रधानाचार्य से लिखित आख्या भी प्राप्त की।
उन्होंने बताया कि प्रबंधक को निर्देशित किया गया है कि सील किए गए कमरे की तरफ वैकल्पिक व्यवस्था कराकर रास्ते को पूरी तरह से बंद कराया जाए। कहा कि सभी तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर विस्तृत जांच रिपोर्ट तैयार कर जिला विद्यालय निरीक्षक को सौंपी जाएगी, जिसके बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। इस दौरान जिला कृषि अधिकारी डाॅ. राजेश कुमार मौजूद रहे। इंस्पेक्टर रवि सिंह ने बताया कि विवेचना शुरू कर दी गई है। मुख्य आरोपी शिवम तिवारी की तलाश की जा रही है।
राजनीतिक छवि खराब करने के उद्देश्य से की जा रही साजिश
कॉलेज संचालक व कांग्रेस नेता डॉ. देवमणि तिवारी ने कहा कि जिस भवन को लेकर सवाल खड़े किए जा रहे हैं, वह मान्यता प्राप्त विद्यालय का भवन नहीं है। विद्यालय से संबंधित सभी अभिलेख जांच टीम को उपलब्ध करा दिए गए हैं। आरोप लगाया कि उनकी राजनीतिक छवि खराब करने के उद्देश्य से साजिश की जा रही है। कहा कि इस पूरे प्रकरण से उनका कोई सरोकार नहीं है।