गौरीगंज स्थित एनआईसी में आयोजित शिलान्यास कार्यक्रम में मौजूद जिला जज राम मिलन सिंह, डीएम संजय
अमेठी सिटी। गौरीगंज तहसील के जामों रोड स्थित विशुनदासपुर गांव में प्रस्तावित दीवानी न्यायालय निर्माण का औपचारिक शिलान्यास शनिवार को हुआ। वर्ष 2016 में 60 एकड़ भूमि के अधिग्रहण और चारदीवारी निर्माण के बाद यह बहुप्रतीक्षित परियोजना अब मूर्त रूप लेती दिख रही है। जिले के गठन के 16 वर्ष बाद दीवानी न्यायालय बनने से वादकारियों और अधिवक्ताओं को सुल्तानपुर व रायबरेली की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी।
सुप्रीम कोर्ट के प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत और योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति में चंदौली जनपद से शिलान्यास कार्यक्रम संपन्न हुआ। गौरीगंज स्थित एनआईसी में आयोजित कार्यक्रम में जिला जज,डीएम संजय चौहान और एसपी अपर्णा रजत कौशिक ने सजीव प्रसारण देखा। अधिकारियों ने बताया कि परियोजना शासन के मानकों के अनुरूप निर्धारित समय में पूरी की जाएगी। परियोजना के लिए शासन स्तर से 220 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिली है, जिसमें प्रथम चरण में 55 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। निर्माण कार्य लोक निर्माण विभाग, निर्माण खंड अयोध्या की निगरानी में होगा। अप्रैल 2027 तक काम पूरा किया जाना है।
जिला बचाव संघर्ष समिति के अध्यक्ष उमाशंकर पांडेय ने इसे वर्षों के संघर्ष का परिणाम बताया। अधिवक्ता अमर बहादुर सिंह, श्रीराम सरोज और मोहम्मद इस्लाम ने इसे न्यायिक ढांचे को सुदृढ़ करने वाला कदम बताया, जिससे अधिवक्ताओं के साथ आमजन को भी राहत मिलेगी।