अमेठी। पूर्वांचल एक्सप्रेस वे का निर्माण करने के लिए भटमऊ में स्थित गायत्री प्रोजेक्ट का प्लांट तकरीबन तबाह हो गया। प्लांट में दूसरे दिन भी रह-रहकर धुआं उठता रहा और कर्मी उस पर काबू पाने में जुटे रहे। प्लांट में हुई आगजनी से कई करोड़ रुपये कीमत का सामान नष्ट होने की बात कही जा रही है।
थाना क्षेत्र के भटमऊ गांव में दूध देकर घर वापस जा रहे प्रौढ़ की गुरुवार सुबह पूर्वांचल एक्सप्रेस वे पर काम कर रहे मिलर टैंकर की चपेट में आने से मौत हो गई थी। इससे आक्रोशित ग्रामीणों ने गांव में ही स्थित प्लांट में तोड़फोड़ करने के बाद उसे आग के हवाले कर दिया था।
आग इस कदर भीषण थी कि फायर ब्रिगेड व पुलिस कर्मियों को उस पर काबू पाने में कई घंटे लग गए। हालांकि गुरुवार के बाद प्लांट के गोदाम में शुक्रवार को भी जगह-जगह रह-रह कर चिंगारी सुलगती और धुआं उठता रहा। प्लांट के कर्मी और स्थानीय पुलिस दिन भर आग पर काबू पाने में जुटी रही।
कार्यदायी संस्था गायत्री प्रोजेक्ट के प्रबंधक जितेंद्र सिंह ने बताया कि आगजनी की इस घटना में लैब, स्टोर, गो-डाउन, मीटिंग हॉल, प्रबंधन कक्ष, कैंप परिसर, आवासीय परिसर, कई लाख रुपया, वाहन, कपड़े, दस्तावेज, बिल-बाउचर, प्रोजेक्ट से संबंधित करोड़ों की मशीनें भी जलकर खाक हो गई हैं।
गायत्री प्रोजेक्ट के प्रबंधक की तहरीर पर भटमऊ व आसपास के गांवों के 80-90 अज्ञात लोगों के विरुद्ध पुलिस ने सार्वजनिक संपत्ति निवारण अधिनियम का केस दर्ज किया गया है। थानाध्यक्ष रविंद्र सिंह ने बताया की प्लांट में लगे सीसीटीवी फुटेज के आधार पर मामले की जांच में जुटी है।
जिले की पुलिस ने प्लांट में हुई आगजनी की घटना को गंभीरता से लिया है। भविष्य में ऐसी घटना की पुनरावृत्ति नहीं हो इसके लिए प्लांट चौकी के नाम से एक अस्थाई पुलिस चौकी खोल दी गई है। सीओ मुसाफिरखाना मनोज यादव ने बताया कि चौकी में एक दरोगा व चार सिपाही की तैनाती की गई है जो चौबीस घंटे मौजूद रहेंगे।