अमेठी। रामगंज थाना क्षेत्र में हुए प्रखर गुप्ता हत्याकांड में पुलिस का वर्क आउट किसी के गले नहीं उतर रहा। हर तरफ से यही चर्चा है कि 15 वर्षीय बाल अपचारी इतनी बड़ी घटना को अंजाम नहीं दे सकता है। परिजनों की ओर से मंगलवार को रामगंज थाने में प्रार्थना पत्र दिया गया।
जिले के सोशल मीडिया पर भी प्रखर गुप्ता हत्याकांड सुर्खियों में है। पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई से लोग संतुष्ट नहीं दिख रहे। सभी खुलासे का इंतजार कर रहे हैं। मंगलवार को दिए प्रार्थना पत्र में परिजनों ने आरोप लगाया कि शव मिलने से पूर्ण विश्वास हो गया कि बाल अपचारी ने मेरे लड़के प्रखर गुप्ता का अपने मां, बाप तथा अन्य साथियों के साथ मिलकर अपहरण कर हत्या की और लाश को छिपा दिया था।
बीते 18 अप्रैल को प्रखर गुप्ता के गुमशुदगी की सूचना रामगंज थाने को दी गयी थी, जिसके बाद 20 अप्रैल की शाम उसका शव मिर्जापुर मजरे मंगरा के जंगल में मिला था। कई संदिग्ध अपराधियों को हिरासत में लिया था। बाद में उन्हें छोड़ दिया गया। सूत्रों का कहना है कि बाल अपचारी बार-बार अपने बयान बदल रहा है। पुलिस अभी तक किसी नतीजे पर नहीं पहुंच पाई है।
सीओ अमेठी लल्लन सिंह का कहना है कि प्रखर हत्याकांड के मामले में बाल अपचारी रत्नेश तिवारी को जेल भेजा जा चुका है। परिवार के लोगों ने जो दो नाम और बताए थे, उनसे पूछताछ की गई है। वह बिल्कुल निर्दोष हैं।
प्रखर के परिजनों से मिलीं सांसद
सोमवार की देरशाम मृतक बालक प्रखर गुप्ता के घर स्थानीय सांसद व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी पहुंची और परिजनों के प्रति शोक संवेदना व्यक्त की। मृतक की मां रोते हुए आपबीती बताई। स्मृति ने आश्वासन दिया है कि दोषियों पर कठोर कार्रवाई होगी। परिजन से मिलकर निकलने लगीं, तभी थाना अध्यक्ष को हिदायत देते कहा कि अभी मैं वर्दी में होती तो आपको देख लेती। किसी को बख्शा नहीं जाएगा।