सिंहपुर। सेमरौता कस्बे के रामजानकी मंदिर परिसर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन प्रवाचक शिवा शास्त्री ने श्रीमद्भागवत महापुराण की महिमा का विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने कहा कि भागवत कथा समस्त वेद-पुराणों का सार है और यह मनुष्य को भवसागर से पार लगाती है।
प्रवाचक ने सृष्टि की उत्पत्ति, ब्रह्माजी का प्राकट्य और नारद-व्यास संवाद की कथा सुनाकर श्रद्धालुओं को भाव विभोर कर दिया। उन्होंने बताया कि किस प्रकार नारद मुनि ने महर्षि वेदव्यास को भगवत भक्ति का महत्व समझाया और श्रीमद्भागवत की रचना का मार्ग प्रशस्त किया।
प्रवाचक ने कथा में ध्रुव चरित्र और परीक्षित मोक्ष प्रसंग का भी वर्णन किया। कहा कि अहंकार, लोभ और मोह का त्याग कर यदि मनुष्य सच्चे मन से भगवान का स्मरण करे तो उसका जीवन सफल हो जाता है। भजनों और संगीतमय कीर्तन से पंडाल भक्तिमय हो गया। श्रद्धालुओं ने जयकारे लगाए। इस दौरान मुख्य यजमान विजय मिश्र, संतोष, सक्षम, लोले, विनीत, देवीशरण, रामू, अवधेश आदि मौजूद रहे।