फुरसतगंज सीएचसी में रोते मृतक के परिजन। संवाद
अमेठी सिटी। बांदा-टांडा हाईवे पर हुए सड़क हादसे में पिता-पुत्री और एक रिश्तेदार की मौत की खबर जैसे ही गांव पहुंची, जायस के गांधीनगर और फरीदपुर परवर गांव में मातम छा गया। दोनों गांवों में देर रात तक घरों के बाहर लोगों की भीड़ लगी रही। परिजनों के रोने-बिलखने से माहौल गमगीन हो गया। जिसने भी घटना के बारे में सुना, वह हाल जानने के लिए मृतकों के घर या अस्पताल की ओर निकल पड़ा।
गांधीनगर निवासी अतुल और उनकी छह वर्षीय बेटी दिशा की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। घर में मौजूद महिलाएं बिलखती रहीं। परिजन एक-दूसरे को संभालने की कोशिश करते रहे। हादसे में अतुल की पत्नी रानी भी घायल हैं और उनका उपचार चल रहा है। परिवार के लोग उनकी स्थिति को लेकर भी चिंतित हैं। उधर फरीदपुर परवर गांव में भी शोक का माहौल रहा। गांव निवासी हीरालाल की मौत की सूचना मिलते ही लोग उनके घर पहुंचने लगे। हादसे में उनके साथ बाइक पर सवार बेटी पल्लवी भी घायल हुई है। पिता की मौत और बेटी के घायल होने की खबर से परिवार सदमे में है।
घटना की जानकारी मिलते ही कई ग्रामीण अपने साधनों से पहले फुरसतगंज सीएचसी और बाद में रायबरेली जिला अस्पताल पहुंच गए। अस्पताल परिसर में देर रात तक दोनों गांवों के लोग मौजूद रहे। कोई घायलों की जानकारी ले रहा था तो कोई परिजनों को संभालने में लगा था। एक ही हादसे में तीन लोगों की मौत और चार के घायल होने से दोनों गांवों का माहौल देर रात तक गमगीन बना रहा।
सात मिनट में एंबुलेंस व पुलिस पहुंची तो 20 मिनट में पहुंचे सीएमओ
हाईवे पर सड़क हादसे की सूचना मिलते ही राहत और बचाव की कार्रवाई तेज हो गई। करीब सात मिनट के भीतर एंबुलेंस और पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई। ग्रामीणों की मदद से घायलों को तत्काल सीएचसी फुरसतगंज पहुंचाया गया। हादसे की सूचना मिलने के करीब 20 मिनट बाद सीएमओ डॉ. अंशुमान सिंह भी सीएचसी पहुंच गए। उनके पहुंचते ही अस्पताल में उपचार व्यवस्था की स्वयं कमान संभाली दी गई। अस्पताल अधीक्षक अभिषेक शुक्ला, डॉ. विनय वर्मा और अवनीश सिंह घायलों के इलाज में जुटे रहे। डॉक्टरों की टीम ने घायलों का प्राथमिक उपचार किया। हालत गंभीर होने पर कुछ घायलों को जिला अस्पताल रायबरेली भेजा गया। सीएमओ ने परिजनों को सांत्वना दी और घायलों के बेहतर उपचार का भरोसा दिलाया। उन्होंने जिला अस्पताल रायबरेली के चिकित्सकों से भी बात कर घायलों के इलाज में किसी तरह की कमी न रहने देने के निर्देश दिए। अस्पताल परिसर में देर तक पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीमें मौजूद रहीं।