सिंहपुर (अमेठी)। बाराबंकी में हुए सड़क हादसे ने फत्तेपुर गांव को मातम में डुबो दिया। शुक्रवार को चलती बस पर पेड़ गिरने से फत्तेपुर के पूरे खान मजरे की रहने वाली रकीबुल निशा की मौके पर ही मौत हो गई। जैसे ही यह खबर गांव पहुंची, पूरा माहौल गम में बदल गया।
बस में उनकी बेटी सुहाना भी साथ थीं। हादसे के बाद रोते हुए सुहाना ने बताया कि हम दोनों अगली सीट पर बैठे थे। अचानक तेज आवाज हुई और बस की छत फट गई। पेड़ सीधे अम्मी पर गिरा… सब कुछ एक पल में खत्म हो गया। मैं कुछ भी नहीं कर पाई…बस देखती रह गई। सुहाना की आंखों से बहते आंसू और कांपती आवाज ने हर किसी का दिल झकझोर दिया।
मौजूद ग्रामीण भी खुद को संभाल नहीं सके। रकीबुल निशा के परिवार में पति मोहम्मद अली, तीन बेटे और तीन बेटियां हैं। बेटों में नवाब अली (34), अजमत अली (32) और किल्लन (28) शामिल हैं। अजमत विदेश में रहकर परिवार की जिम्मेदारियां निभा रहे हैं। बेटियों में सुहाना (30), गबलुन (26) और रेशमा (24) हैं।
पोस्टमार्टम के बाद जैसे ही शव देर शाम गांव पहुंचा, चारों ओर सन्नाटा पसर गया। परिजनों की चीखें दूर तक सुनाई देने लगीं। मोहल्ले भर के लोग घर के बाहर एकत्र हो गए। वृद्ध पति मोहम्मद अली बदहवास हालत में बार-बार बेहोश होते रहे।