अमेठी सिटी। मारपीट, गालीगलौज और जान से मारने की धमकी के मामले में कार्रवाई न करने पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने रामगंज पुलिस को प्राथमिकी दर्ज कर विवेचना करने का आदेश दिया है। यह आदेश रामगंज के त्रिसुंडी गांव निवासी रणविजय सिंह की ओर से दाखिल वाद की सुनवाई के बाद पारित किया गया।
रणविजय सिंह के अनुसार वह सीआरपीएफ कैंप छीड़ा में सिविल इलेक्ट्रीशियन के पद पर कार्यरत हैं। आरोप है कि उनके पड़ोसी अनिल कुमार सिंह और रिंकू उर्फ आलोक कुमार सिंह लंबे समय से उनके परिवार को धमकी दे रहे हैं। 30 नवंबर 2025 को दोनों आरोपी उनके घर पहुंचे और उनके पिता राकेश्वर सिंह की पिटाई कर दी। बीचबचाव करने पर पूरे परिवार को गोली मारने की धमकी देने का भी आरोप है। पीड़ित का कहना है कि घटना की सूचना पुलिस चौकी रामगंज को दी गई, लेकिन प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।
एक दिसंबर 2025 को आरोपियों ने दोबारा घर पहुंचकर धमकी दी। घटना घर में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई, जिसकी पेन ड्राइव अदालत में प्रस्तुत की गई। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सुल्तानपुर ने मामले को संज्ञेय अपराध मानते हुए एफआईआर दर्ज कर साक्ष्य संकलन और विवेचना कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश दिया है।