अमेठी सिटी। गणेश महोत्सव के दूसरे दिन जगह-जगह सजे पंडालों से माहौल भक्तिमय हो गया है। बृहस्पतिवार को श्री गणेश पूजा पंडालों में सुबह और शाम आरती का आयोजन हुआ। बड़ी संख्या में श्रद्धालु जुटे और भजन-कीर्तन के बीच गणपति बप्पा मोरया के जयकारे लगाए।
बुधवार शाम गणेश चतुर्थी पर जगदीशपुर कस्बे के औद्योगिक क्षेत्र स्थित इंडोरामा उर्वरक इकाई टाउनशिप में स्थापित गणेश पूजा पंडाल में दर्शन को उमड़े श्रद्धालुओं ने पूजन-अर्चन कर आयोजित प्रतियोगिताओं में भाग लिया। स्वादिष्ट मोदक भोग प्रतियोगिता में 40 से अधिक महिलाएं शामिल हुईं। प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान हासिल करने वाली महिलाओं का उत्साहवर्धन किया गया। साथ ही कैंपस स्थित विद्यालय के एक के चार वर्ष तक के बच्चे, कक्षा दो से तीन, चार से पांच और छह से आठ तक के बच्चों ने डांस प्रतियोगिता में भाग लेकर प्रतिभा का प्रदर्शन किया। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बच्चों को पूजा पंडाल समिति ने पुरस्कृत किया।
इस दौरान इंडोरामा श्री गणेश पूजा समिति के अध्यक्ष शरद भागवत, मुख्य यजमान अखिलेश कुमार सिंह पत्नी कंचन सिंह, इकाई प्रमुख राजेंद्र सांखे, उनकी पत्नी उषा सांखे, एचआर प्रमुख मनोज झा, अशोक आहिरे, शैलेंद्र सिंह, विनीत पाठक, राजेश सिंह आदि मौजूद रहे। आचार्य पंडित राकेश ओझा ने पूजा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ संपन्न कराई। बीएचईएल टाउनशिप में स्थापित पूजा पंडाल में भी श्रद्धालुओं ने गणेश प्रतिमा का पूजन-अर्चन किया। कमरौली थाना परिसर में स्थापित पूजा पंडाल में दर्शन-पूजन को भीड़ उमड़ी। कमोवेश यही स्थिति ग्रामीण क्षेत्रों के पूजा पंडाल की भी रही।
अमेठी में कोतवाली के बगल श्री गणेश पूजा समिति की ओर से स्थापित पंडाल में सुबह और शाम आरती का आयोजन हुआ। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु जुटे। भक्तों ने बप्पा की आरती उतारी और प्रसाद बांटा गया। पंडाल में आकर्षक सजावट और प्रकाश व्यवस्था से उत्सव का माहौल और भी जीवंत हो गया है। पंडित त्रिवेणी प्रसाद मिश्र ने कहा कि गणेश जी विघ्नहर्ता और मंगलकर्ता हैं। जो श्रद्धा और भक्ति से उनकी पूजा करता है, उसके जीवन से बाधाएं दूर होती हैं और सुख-समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होता है। समिति के सदस्यों ने बताया कि 11 दिनों तक प्रतिदिन आरती, भजन-कीर्तन और सांस्कृतिक आयोजन होंगे। सात सितंबर (पूर्णिमा) को विधिविधान से गणपति बप्पा का विसर्जन किया जाएगा। समिति के कार्यकर्ता शिवा, मनन, आदित्य, सुंदरम, शाहिल और पीयूष ने पूजा-आरती में सक्रिय भागीदारी निभाई।