अमेठी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश विकास की ऊंचाइयों को छू रहा है। पूरे देश में मोदी के नेतृत्व में साथ चलने की प्रतिस्पर्धा है। दलों की सीमाएं टूट गई हैं। ये बातें रविवार को शहर के रामलीला मैदान में ब्राह्मण स्वाभिमान एकता की ओर से आयोजित राष्ट्रीय ब्राह्मण एकता महासम्मेलन को संबोधित करते हुए अयोध्या के महापौर व गुरु गिरीश पति त्रिपाठी ने कही।
उन्होंने कहा कि अमेठी संस्कारों की धरती है। मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष दिनेश तिवारी ने कहा कि कार्यक्रम के माध्यम से दहेज प्रथा का समापन, नशामुक्त समाज का निर्माण, ब्रह्माण एकता, सनातन धर्म का उत्थान, ऊंच-नीच के भेदभाव को समाप्त करते हुए राष्ट्रभक्ति का संचार करने का प्रयास है। पूर्व विधायक चंद्र प्रकाश मिश्र ने कहा कि संकल्प में बहुत ताकत है और अभियान एक दिन अवश्य सफल होगा।
इस मौके पर पूर्व जिला जज रामनरेश मिश्र, शिव प्रकाश मिश्र सेनानी, उमाशंकर मिश्र, धर्मेंद्र शुक्ल, डॉ. अरविंद चतुर्वेदी, विशाल शर्मा, इंदु प्रकाश पाठक, वीके मिश्रा, अखिल भारतीय चाणक्य परिषद के संरक्षक कृपा निधान तिवारी आदि ने भी संबोधित किया। संचालन डॉ. केसरी शुक्ल व राष्ट्रीय प्रवक्ता अनिरुद्ध मिश्रा ने किया।इस मौके पर पंडित संदीप पांडेय, बिंदेश्वरी प्रसाद दुबे, हरिश्चंद्र पांडेय, भूपेंद्र मिश्र, अमित तिवारी, दयाशंकर शुक्ल, डाॅ. अर्जुन पांडेय, लल्लन मिश्र, अभिमन्यु उपाध्याय आदि मौजूद रहे।
परशुराम जयंती पर घोषित हो सार्वजनिक अवकाशअमेठी। ब्राह्मण स्वाभिमान एकता मंच की ओर से आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंडित दिनेश तिवारी ने भगवान परशुराम की जयंती पर केंद्र एवं प्रदेश सरकार से सार्वजनिक अवकाश घोषित करने की मांग उठाई। नई दिल्ली, लखनऊ तथा अमेठी में भगवान परशुराम के भव्य प्रतिमा का निर्माण किया जाना चाहिए। नई दिल्ली, लखनऊ और अमेठी में एक चौराहे का नाम भगवान परशुराम के नाम पर घोषित किया जाना चाहिए।
सपा मुखिया अखिलेश यादव और कांग्रेस व गांधी परिवार के सदस्यों द्वारा भगवान के पूजन दर्शन के सवाल पर अयोध्या के महापौर गिरीश पति त्रिपाठी ने कहा कि जो दर्शन करने आए उनका कल्याण होगा और जो नहीं आए उनका भी कल्याण होगा।