भगवान दीन का पुरवा गांव में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में मौजूद श्रद्धालु। स्रोत: आयोजक
जगदीशपुर। भगवानदीन का पुरवा में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन बृहस्पतिवार को प्रवाचक स्वामी परिपूर्णानंद ने श्रद्धालुओं को कथा का महत्व बताया। कहा कि कलयुग में श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण जीव के कल्याण का सबसे सरल माध्यम है। कथा सुनने से जन्म-जन्मांतर के पापों का नाश होता है और मोक्ष की प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त होता है।
प्रवाचक ने कहा कि भगवान श्रीराम ने धरती पर अवतार लेकर अधर्म और अन्याय का अंत किया तथा धर्म की स्थापना की। उनका जीवन मानव समाज के लिए आदर्श है। उन्होंने कहा कि धार्मिक कथाओं का श्रवण व्यक्ति को सद्मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है और जीवन में सकारात्मक सोच विकसित करता है।
उन्होंने बताया कि भागवत कथा मनुष्य के दुखों को दूर करने, मानसिक शांति प्रदान करने और भक्ति भाव को सुदृढ़ करने का कार्य करती है। इस अवसर पर प्रतिभा तिवारी, सुनील तिवारी, पूनम तिवारी, वेदांत तिवारी, स्मृति तिवारी, आंचल और आशीष आदि मौजूद रहे।