जगदीशपुर में रामलीला का मंचन करते कलाकार। स्रोत: आयोजक
अमेठी सिटी। शारदीय नवरात्र के अवसर पर जिले में जगह-जगह रामलीला का मंचन किया जा रहा है। शुक्रवार रात कहीं राम वनगमन तो कहीं बालि वध, सीता हरण और शबरी मिलन के प्रसंगों ने दर्शकों को भाव विभोर किया।
गौरीगंज के चौक बाजार में दशरथ प्रतिज्ञा, राम वनगमन और राम कलेवा का मंचन किया गया। कार्यक्रम में पूर्व जिला पंचायत सदस्य मुकेश सिंह, संतलाल अग्रहरि, अजय अग्रवाल व ओपी सिंह आदि मौजूद रहे। मुंशीगंज क्षेत्र के सरायखेमा गांव में कैकेयी-मंथरा संवाद, राम-सीता-लक्ष्मण वनवास और राम-केवट प्रसंग प्रस्तुत किए गए। राम के वनगमन का दृश्य देखकर दर्शक भावुक हो उठे।
जायस के चौधराना मोहल्ले में रामलीला महोत्सव के छठे दिन राम-सुग्रीव मित्रता और बालि वध का मंचन हुआ। जगदीशपुर के निहालगढ़ में ऐतिहासिक रामलीला के दूसरे दिन ताड़का वध, गंगा स्तुति और नगर दर्शन के प्रसंगों का मंचन हुआ।
अमेठी के रामलीला मैदान में रामलीला के छठे दिन सीता हरण, जटायु और शबरी मिलन का मंचन हुआ। जिलाधिकारी शशांक चौधरी ने प्रभु श्रीराम की आरती कर कार्यक्रम की शुरुआत की। इसके बाद डीएम और जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश अग्रहरि ने बेटी के विवाह के लिए कीर्ति मौर्य को एक लाख 51 हजार रुपये का चेक दिया। इस मौके पर एसपी सरवणन टी भी मौजूद रहे।
मुसाफिरखाना में रामलीला मैदान में सीता की खोज, सुग्रीव मित्रता और बालि वध का मंचन किया गया। कलाकारों ने सुग्रीव की व्यथा सुनकर भगवान राम के उसकी सहायता का संकल्प लेने का प्रसंग दिखाया।