अमेठी सिटी। संग्रामपुर इलाके में मवेशी चराने गए जयराम की मौत जंगली जानवर के हमले से नहीं, बल्कि इंसानी हमले से हुई है। गांव के ही एक शख्स ने सब्बल से प्रहार कर खुद ही जंगली जानवर के हमले की अफवाह फैलाई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या की बात सामने आने पर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तारी कर पूरी घटना का खुलासा कर दिया है।
संग्रामपुर थाना क्षेत्र के टीकरमाफी गांव निवासी जयराम प्रजापति (49) शुक्रवार को मवेशी चराने गए थे। जंगल में वह घायल हो गए थे। ग्रामीणों ने उन्हें अस्पताल में पहुंचाया था, जहां उनकी मौत हो गई थी। कहा जा रहा था कि जयराम प्रजापति पर जंगली जानवर ने हमला किया था। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा था। साथ ही वन विभाग की टीम क्षेत्र में कॉबिंग कर जंगली जानवर का पता लगा रही थी, लेकिन जब पोस्टमार्टम रिपोर्ट आई तो हैरान कर देने वाला खुलासा हुआ। पुलिस के मुताबिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में एंटीमॉर्टम इंजरी आई। इस मामले में एक तरफ वन विभाग की टीम जंगली जानवर का पता लगाने में जुटी रही, दूसरी ओर पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर हत्या की बात सामने आई तो पुलिस ने अंदर खाने अपनी जांच शुरू कर दी।
संदेह होने पर पुलिस ने एक ग्रामीण के मोबाइल की कॉल डिटेल निकाली। उसका मृतक के मोबाइल फोन से मिलान किया। इससे संदेह और गहराया तो पुलिस ने उस व्यक्ति को पकड़ कर कड़ाई से पूछताछ की। इसमें उसने सारे राज उगल दिए। पुलिस ने आरोपी का नाम शिवशंकर बताया है। मृतक के बेटे मनीष की तहरीर पर पुलिस ने केस दर्ज किया। इंस्पेक्टर ईशनारायण मिश्र के मुताबिक, आरोपी शिवशंकर ने बताया कि जयराम उसके परिवार की महिलाओं पर बुरी नजर रखता था।
इसी बात से नाराज होकर उसने लोहे के सब्बल से उस पर हमला कर दिया। इसके बाद शोर मचा दिया कि एक आदमी को जंगली जानवर खींचकर झाड़ियों में ले गया है। इसके बाद ग्रामीण एकत्र हुए और जंगल से घायल जयराम को अस्पताल ले गए, जहां उसकी मौत हो गई। आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने जंगल से सब्बल बरामद कर आरोपी जेल भेज दिया है।
दहशत में रहे ग्रामीण, हलाकान रहा वन विभाग
टीकरमाफी गांव में शुक्रवार को जंगली जानवर के हमले की सूचना के बाद वन कर्मी व पुलिस टीम कॉबिंग करती रही। बीच-बीच में जानवर दिखने की अफवाह से लोग परेशान रहे। किसी को अंदाजा भी नहीं था कि जंगली जानवर नहीं, किसी इंसान ने ही जयराम का कत्ल किया है। वन विभाग ने जंगल में जाल बिछाया और पुलिस गांव में गश्त करती रही। लोगों से घर के बाहर अकेले न निकलने की अपील की जा रही थी। ग्रामीण दहशत में और वन कर्मी हलाकान रहे। रविवार को जब घटना का खुलासा हुआ तो सभी के होश फाख्ता हो गए।
जेल भेजा गया आरोपी
सीओ जगदीश प्रसाद ने बताया कि आरोपी को जेल भेज गया है। पूरे मामले की जांच हो रही है। जांच के बाद आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल करते हुए पैरवी कर आरोपी को सजा दिलाई जाएगी।