राजाफत्तेपुर पीएचसी पर आयोजित जन आरोग्य मेले में मरीज का इलाज करते चिकित्सक।
अमेठी सिटी। जिले की 30 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर रविवार को मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले का आयोजन किया गया। शिविरों में कुल 2,865 लोगों की स्वास्थ्य की जांच की गई, जिनमें से 25 गंभीर रोगियों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रेफर किया गया।
सिंहपुर ब्लॉक की राजाफत्तेपुर पीएचसी में आयोजित मुख्यमंत्री आरोग्य मेले के दौरान सुबह 10:10 बजे तक एएनएम अनीता यादव, लैब सहायक यशवंत वर्मा, सीएचओ, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी सावन कुमार और आंगनबाड़ी कर्मी मौजूद नहीं थे। 10:25 बजे आयुष फार्मासिस्ट मंगलम तिवारी अस्पताल पहुंचे। डॉ. उमाशंकर, फार्मासिस्ट राम सेवक, एएनएम सुधा और वार्ड बॉय संग्राम मौके पर मौजूद रहे। यहां सुबह 11:15 बजे तक सात मरीज पहुंचे, लेकिन किसी की जांच नहीं हो सकी।
बनभरिया निवासी नफीस सड़क हादसे के बाद इलाज कराने आए थे। मनीषा बुखार और सिर दर्द से पीड़ित थीं, लेकिन जांच न होने से उन्हें केवल दवा दी गई। सुनील की एक वर्षीय पुत्री को फोड़े-फुंसी की समस्या थी, जबकि रामराज मौर्य बुखार से परेशान थे। जांच संभव न होने के कारण चिकित्सकों ने औषधि संग सावधानियां अपनाने की सलाह दी।
शिविर में डेंगू, मलेरिया, फाइलेरिया और वायरल संक्रमण से बचाव की जानकारी दी गई। सभी इकाइयों पर संचारी रोगों के प्रति जागरूकता अभियान चलाया गया।
अनुपस्थित कर्मियों पर होगी कार्रवाई
सीएमओ डॉ. अंशुमान सिंह ने नेवादा पीएचसी पर निरीक्षण किया। यहां डॉ. नीरज गौतम दो जुलाई से और लैब सहायक राम आधार राव 21 मई से लगातार अनुपस्थित चल रहे हैं। सीएमओ ने पौधरोपण करते हुए अनुपस्थित कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई की बात कही।