अमेठी सिटी। प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के तहत घर बनाने के लिए धनराशि लेने के बाद 211 लाभार्थियों ने आज तक निर्माण कार्य शुरू नहीं कराया है। नगर निकायों में चयन के बाद प्रथम और द्वितीय किस्त पाने वाले इन लाभार्थियों को बार-बार चेतावनी दी गई, बावजूद इसके आवास का निर्माण नहीं कराया गया। अब जिला नगरीय विकास अभिकरण (डूडा) की ओर से सख्ती बरती जा रही है। संबंधित लाभार्थियों को अंतिम नोटिस भेजकर ब्याज सहित 3.27 करोड़ रुपये की वसूली की कार्रवाई शुरू की गई है।
योजना के प्रथम चरण में वर्ष 2017 से नगर पालिका परिषद गौरीगंज, जायस, अमेठी व नगर पंचायत मुसाफिरखाना के कुल 9,676 पात्रों को चयनित किया गया। इनमें से बड़ी संख्या में लाभार्थियों को प्रथम किस्त के रूप में 50 हजार रुपये व कुछ को द्वितीय किस्त 1.5 लाख रुपये तक भेजी गई, लेकिन 63 लाभार्थियों ने पहली किस्त मिलने के बावजूद मकान की नींव तक नहीं डाली, जबकि 148 लाभार्थियों ने दूसरी किस्त लेने के बाद भी निर्माण अधूरा छोड़ रखा है।
विभाग की ओर से कई बार चेतावनी दी गई, मगर निर्माण नहीं कराया। अब विभाग ने इनको अंतिम नोटिस जारी किया है, जिसके माध्यम से चेतावनी दी गई है कि दो दिनों में निर्माण कार्य शुरू नहीं कराया तो दी गई रकम की ब्याज सहित वसूली और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। रिकवरी प्रक्रिया में सहयोग के लिए संबंधित थानों को भी सूचित किया गया है। पुलिस के माध्यम से केस दर्ज कर कार्रवाई सुनिश्चित कराने की तैयारी है।
निकायवार स्थिति
निकाय
- प्रथम किस्त
- द्वितीय किस्त
गौरीगंज - 23
- 50
जायस - 25
- 89
अमेठी
- 12
- 09
मुसाफिरखाना
- 03
- 00
32 लाभार्थियों ने लौटाई किस्त
चारों निकायों में ऐसे 35 ऐसे लाभार्थी भी सामने आए हैं, जिन्होंने जमीन की अनुपलब्धता या पारिवारिक कारणों के चलते किस्त स्वेच्छा से लौटाई है। इनमें सबसे अधिक 31 लाभार्थियों ने पहली किस्त के रूप में मिले 50 हजार रुपये तो चार लाभार्थियों ने अनुदान में मिले दो लाख रुपये वापस किए हैं।
रिकवरी की कार्रवाई होगी
प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी के तहत अनुदान पाने के बाद निर्माण न करने वालों की सूची तैयार की गई। तहसील स्तर से रिकवरी और पुलिस स्तर से केस दर्ज कराने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
- प्रीति तिवारी, एसडीएम गौरीगंज (प्रभारी पीओ डूडा)