जायस। पूरे बक्शी मजरे बहादुरपुर गांव निवासी जागेश्वर के बेटे आरेंद्र (15) की बांके से वार कर हत्या कर दी गई। इसके बाद शव खेत में फेंक दिया गया। शुक्रवार सुबह शव मिलने के बाद पुलिस ने फील्ड यूनिट के साथ घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य एकत्र किए। पुलिस ने पिता सहित तीन पुत्रों पर रिपोर्ट दर्ज की है। मामले में बाल अपचारी को हिरासत में लिया गया है। उसकी निशानदेही पर बांका बरामद किया गया। एएसपी ने बताया कि बाल अपचारी ने पिता की पिटाई का बदला लेने के लिए हत्या कर दी।
जागेश्वर के मुताबिक उनका बेटा बृहस्पतिवार को अमृतलाल के घर पर जन्मदिन पार्टी में शामिल होने गया था। रात में बेटा नहीं लौटा। सुबह उसका रक्तरंजित शव खेत में पड़ा मिला। एएसपी ज्ञानेंद्र सिंह, सीओ दिनेश मिश्र और इंस्पेक्टर अमरेंद्र सिंह फील्ड यूनिट के साथ मौके पर पहुंचे। घटनास्थल से साक्ष्य संकलित कर सर्विलांस सेल और स्वाट टीम की मदद से जांच शुरू कर दी गई।
जागेश्वर ने हीरालाल, उसके बेटे आकाश, विकास और किशोर पर बेटे की हत्या का आरोप लगाया। रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस ने नसीराबाद मार्ग स्थित गंगाराम पुरवा मोड़ के पास बाग से बाल अपचारी को हिरासत में ले लिया। पूछताछ में उसने बताया कि दो माह पहले अमरेंद्र ने उसके पिता हीरालाल की पिटाई की थी। इससे नाराज होकर वारदात करने की बात बताई।
उसकी निशानदेही पर पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त बांका और रक्तरंजित कपड़े बरामद किए। एएसपी ने बताया कि पूछताछ में किशोर ने जन्मदिन पार्टी से आरेंद्र को बहाने से बुलाकर हत्या करने की बात स्वीकार की है। मामले में नामजद अन्य लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है।
सिर में आठ तो गले पर चोट के दो निशान मिले
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार आरेंद्र के सिर में आठ और गले पर चोट के दो निशान मिले हैं। अधिक रक्तस्राव से मौत होने की बात कही गई है।
पुलिस का दावा, अकेले कर दी हत्या
पुलिस के दावों के अनुसार किशोर ने अकेले आरेंद्र की हत्या की है। प्रारंभिक जांच में गले में चोट के निशान की बात कही गई थी, जबकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में 10 चोटें मिली हैं। अकेले आरेंद्र को बुलाना और फिर हत्या कर देना लोगों की समझ से परे है। दोनों परिवारों के बीच विवाद होने के कारण बाल अपचारी के बुलाने पर आरेंद्र के जाने को लेकर भी लोग सवाल उठा रहे हैं।
शांतिभंग में हुई थी कार्रवाई
विवाद के बाद जागेश्वर और हीरालाल को पुलिस ने शांतिभंग की आशंका में पाबंद किया था। मृतक भी किशोर था, इसलिए उसका चालान नहीं किया गया। यही विवाद आखिरकार हत्या की वजह बन गया।
परिजनों का रो-रोकर हाल बेहाल
आरेंद्र की मौत के बाद मां बिट्टन का रो-रोकर बुरा हाल है। वह रोते हुए कह रही थीं कि पता होता कि बेटे की हत्या कर देंगे तो उसे जाने न देतीं। भाई लवकुश भी बिलख रहा है। पिता जागेश्वर बेटे की मौत से गमगीन हैं। रिश्तेदार और ग्रामीण परिजनों को सांत्वना देने में जुटे रहे।