भादर। रामगंज के गाजीपुर ग्रामसभा के खरगापुर निवासी ग्रिल-रेलिंग मिस्त्री संदीप विश्वकर्मा (28) की शनिवार शाम भावापुर गांव में काम करने के दौरान करंट लगने से मौत हो गई। वह एक मकान की छत पर रेलिंग फिट कर रहे थे। घटना के बाद परिवार में मातम छा गया।
जानकारी के अनुसार संदीप विश्वकर्मा गेट, ग्रिल और रेलिंग लगाने का काम करते थे। शनिवार शाम करीब साढ़े चार बजे वह भावापुर गांव के एक मकान की छत पर वेल्डिंग कर रेलिंग फिट कर रहे थे। इसी दौरान अचानक बिजली का तार टूटकर रेलिंग पर गिर गया। तार के संपर्क में आने से रेलिंग में करंट उतर आया और वह उसकी चपेट में आ गए।
आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल बिजली आपूर्ति बंद कर उन्हें सीएचसी भादर पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। पीपरपुर इंस्पेक्टर अरुण कुमार मिश्र ने बताया कि घटना रामगंज क्षेत्र की है। ऐसे में शव का पोस्टमार्टम कराकर आगे की विधिक कार्रवाई रामगंज पुलिस करेगी।
हादसे ने छीन लिया परिवार का सहारा
संदीप विश्वकर्मा की मौत ने परिवार की खुशियां छीन लीं। गेट, ग्रिल और रेलिंग लगाने का काम कर वह मां ममता (57), पत्नी खुशबू (26) और आठ माह की बेटी का सहारा थे। तीन भाइयों में मंझले संदीप की असमय मौत की खबर मिलते ही घर में चीख-पुकार मच गई। मां बदहवास हो गईं, जबकि पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल था। गोद में मासूम बेटी से अनजान माहौल देख हर किसी की आंखें नम हो गईं।
जिले में करंट से हुए प्रमुख हादसे
15 मई 2026 : जामों के राजामऊ निवासी रामराज (50) की हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से मौत।
20 जून 2026 : जगदीशपुर के हरपालपुर में हीरालाल प्रजापति (50) और रामबोध यादव (58) की खेत में उतरे करंट से मौत।
21 जुलाई 2026 : गौरीगंज के नेमधर पंडित पुरवा निवासी पुष्पा (26) की घर में करंट लगने से जान गई।
27 जुलाई 2026 : बाजारशुकुल निवासी मनीष पासी (22) की टिनशेड के पाइप में उतरे करंट से मौत।
बरतें ये सावधानी
सेवानिवृत्त अवर अभियंता राजकिशोर ने बताया कि बिजली लाइन के पास वेल्डिंग या लोहे का काम शुरू करने से पहले लाइन की स्थिति जरूर जांचें। टूटे या झूलते तार दिखने पर तुरंत बिजली विभाग को सूचना दें और सुरक्षा दस्ताने व जूते पहनकर ही काम करें। सीएचसी अधीक्षक डॉ. राजीव सौरभ ने बताया कि करंट लगने पर सबसे पहले बिजली आपूर्ति बंद कराएं। इसके बाद ही घायल को सुरक्षित तरीके से अलग कर तत्काल अस्पताल पहुंचाएं। जले हुए हिस्से पर कोई लेप न लगाएं और चिकित्सकीय जांच जरूर कराएं।