ताला साधन सहकारी समिति पर खाद के लिए खड़े किसान। संवाद
अमेठी। धान की रोपाई अंतिम दौर में है, लेकिन किसान इन दिनों खेतों से ज्यादा खाद केंद्रों पर नजर आ रहे हैं। यूरिया की जरूरत बढ़ने के बीच शनिवार को जिले के खाद केंद्रों पर सुबह से लंबी कतारें लगी रहीं। ई-पॉस मशीनों का सर्वर ठीक होने के बाद भी भीड़ कम नहीं हुई। कई किसानों को घंटों इंतजार के बाद भी खाद नहीं मिल सकी और उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ा।
गौरीगंज स्थित इफको केंद्र पर सुबह से किसानों की भीड़ जुटने लगी। कोई हाथ में टोकन लिए लाइन में खड़ा रहा तो कोई धूप से बचने के लिए पेड़ की छांव तलाशता रहा। गोरखापुर, ताला और करौंदी साधन सहकारी समितियों से जुड़े किसान भी बड़ी संख्या में केंद्र पहुंचे। दोपहर तक कई किसानों का नंबर नहीं आया। इससे किसानों में नाराजगी भी दिखी।
किसान दयाराम ने बताया कि सुबह से लाइन में खड़े हैं, लेकिन दोपहर तक खाद नहीं मिल सकी। शिवबहादुर सिंह ने कहा कि धान की रोपाई के बाद अब यूरिया डालने का समय है। यदि समय पर खाद नहीं मिली तो फसल की बढ़वार प्रभावित होगी। किसान राजेश कुमार ने अतिरिक्त वितरण काउंटर खोलने की मांग करते हुए कहा कि इससे किसानों का समय बचेगा और भीड़ भी कम होगी।
जिले की 76 साधन सहकारी समितियों, चार इफको केंद्रों और 31 इफको फ्रेंचाइजी के माध्यम से खाद का वितरण किया जा रहा है। जिला कृषि अधिकारी डॉ. देवेंद्र सिंह निरंजन ने बताया कि ई-पॉस मशीनों का सर्वर अब ठीक हो गया है। पहले तकनीकी समस्या के कारण भीड़ बढ़ी थी। जिले में पर्याप्त यूरिया उपलब्ध है और सभी किसानों को जरूरत के अनुसार खाद उपलब्ध कराई जाएगी।