गौरीगंज (अमेठी)। ग्राम पंचायत को आवंटित धनराशि का दुरुप्रयोग करना तथा कागजों पर विकास करने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। सदन में सवाल उठने के बाद जिला प्रशासन सक्रिय हो गया है। शनिवार को डीएम ने पांच सदस्यीय कमेटी गठित की है। टीम 2010 से अब तक कार्यों की स्थलीय जांच कर साक्ष्य समेत रिपोर्ट 15 दिन में मुहैया का निर्देश दिए हैं।
जामो विकास खंड की सूखी बाजगढ़ ग्राम पंचायत में विकास कार्यों में धांधली व वित्तीय अनियमितता का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। बिना काम कराए मनरेगा की वेबसाइट पर वर्क आईडी जनरेट कर भुगतान की शिकायत पर कार्रवाई नहीं हुई। प्रशासन की ओर से बरती जा रही निष्क्रियता के बाद विधायक ने एक मार्च 2023 को सदन में नियम 51 के तहत साक्ष्य समेत सवाल उठाया।
विधानसभा में सवाल उठने के बाद जिला प्रशासन सक्रिय हो गया। बीडीओ/उपायुक्त मनरेगा की जांच के बाद बुधवार को तत्कालीन ग्राम प्रधान रामलाल व कार्यरत तकनीकी सहायक रावेंद्र श्रीवास्तव के खिलाफ कूटरचित दस्तावेज तैयार कर सरकारी धन का दुरुप्रयोग व वित्तीय अनियमितता का केस दर्ज कराया है।
इसी बीच डीएम राकेश कुमार मिश्र ने डीडीओ तेजभान सिंह, उपायुक्त मनरेगा एके सिंह, एक्सईएन प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना गौरव सिंह, डीपीआरओ श्रीकांत यादव व वित्त एवं लेखाधिकारी बेसिक शिक्षा विभाग रमेंद्र कुमार मौर्य की टीम गठित की है।
डीएम बोले, जांच कर 15 दिन में रिपोर्ट दें
डीएम ने टीम को वित्तीय वर्ष 2010 से अब तक गांव में हुए विकास कार्यों की स्थलीय जांच के साथ आवंटित धनराशि के उपयोग की जांच कर साक्ष्य समेत 15 दिन में रिपोर्ट देने को कहा है। रिपोर्ट मिलने के बाद वित्तीय अनियमितता व विकास कार्यों में बरती गई धांधली में शामिल जिम्मेदारों के खिलाफ कानूनी व विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
इधर, दो लोगों पर केस दर्ज कराने के दूसरे दिन जांच कमेटी गठित होने के बाद पूरे ब्लॉक में हड़कंप की स्थिति है। तकरीबन ब्लॉक क्षेत्र के सभी ग्राम पंचायत के लोग सहमें हैं। पूरे क्षेत्र में चर्चा है कि 2010 से जांच हुई तब तो कई ग्राम व कर्मचारी कार्रवाई के घेरे में बाए जाएंगे।