गौरीगंज (अमेठी)। बिना काम कराए मनरेगा वेबसाइट पर वर्क आईडी जनरेट कर भुगतान करने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। गौरीगंज विधायक द्वारा सदन में मामला उठाने के बाद अधिकारी सतर्क हुए। बृहस्पतिवार को तत्कालीन ग्राम प्रधान व तकनीकी सहायक के खिलाफ गंभीर धाराओं में केस दर्ज कराया गया है। डीसी मनरेगा की तहरीर पर पुलिस केस दर्ज करने के बाद पूरे प्रकरण की जांच व कार्रवाई में जुटी है। जामो विकास खंड के सूखीबाजगढ़ ग्राम पंचायत में वित्तीव वर्ष 2013-14 में पक्की सड़क से रमाकांत सिंह के घर तक संपर्क मार्ग व खंड़जा निर्माण कार्य को 15 मई 2013 को स्वीकृति मिली थी। जिम्मेदारों ने धरातल पर काम कराने के बजाय मनरेगा वेबसाइट पर कार्य की वर्क आईडी जनरेट कर एमआईएस पर श्रमांश 61 हजार एवं सामग्री मद पर आठ लाख 71 हजार एक सौ रुपये समेत कुल नौ लाख 35 हजार एक सौ रुपए का भुगतान करा लिया।
सदन उठा मामला, तब करवाई जांच
आवागमन में हो रहे परेशानी पर लोगों ने स्थानीय विधायक राकेश प्रताप सिंह से सड़क निर्माण की मांग की। ग्रामीणों की मांग पर विधायक ने निर्माण शुरू कराया तो कुछ लोगों द्वारा व्यवधान किया गया। इसके बाद जांच कराई गई तो मार्ग का निर्माण कागजों पर होने की पुष्टि हुई। विधायक ने शिकायत अफसरों से करके जांच कर कार्रवाई की मांग की। बावजूद इसके प्रशासन कार्रवाई करने के बजाए पूरे मामले की लीपापोती करने में जुटा रहा। प्रशासन की निष्क्रियता पर विधायक ने एक मार्च 2023 को सदन में नियम 51 के तहत साक्ष्य समेत सवाल उठाया। इसके बाद उपायुक्त मनरेगा/प्रभारी बीडीओ अशोक कुमार सिंह ने मामले की जांच की। जांच में मनरेगा वर्क आईडी तैयार कर 9.35 लाख रुपए वित्तीय अनियमितता की पुष्टि हुई।
वित्तीय अनियमितता की पुष्टि होने के बाद डीसी मनरेगा ने तत्कालीन ग्राम प्रधान रामलाल व कार्यरत तकनीकी सहायक रावेंद्र श्रीवास्तव के खिलाफ कूटरचित दस्तावेज तैयार कर सरकारी धन का दुरुप्रयोग व वित्तीय अनियमितता करने की तहरीर दी। पुलिस ने तहरीर के आधार पर केस दर्ज कर पूरे प्रकरण की जांच शुरू कर दी है। प्रभारी निरीक्षक विवेक कुमार सिंह ने डीसी मनरेगा/प्रभारी बीडीओ की तहरीर पर तत्कालीन ग्राम प्रधान व तकनीकी सहायक के खिलाफ गंभीर धाराओं में केस दर्ज करने की पुष्टि की है। बताया कि जांच की जा रही है, नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
पंचायतों में कराए कामों की जांच जारी
9.35 लाख रुपये की अनियमितता एक गांव में उजागर होने के बाद और गांवों में कराए गए कार्यों की जांच की जा रही है। प्रथम दृष्टया धांधली मिलने पर केस दर्ज कराने के अब अन्य विभागीय कार्रवाई की जाएगी। किसी भी दोषी कर्मचारी व प्रतिनिधि को बख्शा नहीं जाएगी।
एके सिंह, प्रभारी बीडीओ जामो