अमेठी सिटी। परिषदीय विद्यालयों में शिक्षकों और छात्र-छत्राओं की ऑनलाइन उपस्थिति और डिजिटिलाइजेशन कराने को लेकर विरोध शुरू हो गया है। शिक्षकों का कहना है कि सरकार संसाधन उपलब्ध कराए बगैर शिक्षकों पर जबरन नई व्यवस्था थोप रही है। बृहस्पतिवार को शिक्षक संगठन बीएसए कार्यालय पहुंचाया। कार्यालय में विरोध प्रदर्शन करने के बाद मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री को संबोधित ज्ञापन जिला समन्वयक सामुदायिक शिक्षा को दिया।
उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ प्रदेश अध्यक्ष सुशील कुमार पांडेय के निर्देश पर बृहस्पतिवार को संगठन के बैनर तले शिक्षक ऑनलाइन उपस्थिति और डिजिटिलाइजेशन का विरोध करने गौरीगंज स्थित बीएसए कार्यालय पहुंचे। बीएसए कार्यालय पहुंचे संगठन जिलाध्यक्ष धीरेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि विद्यालयों में ऑनलाइन उपस्थिति के लिए शिक्षकों पर उनकी आईडी पर सिम लेने की दबाव बनाया जा रहा है। इसके अलावा देहात क्षेत्रों में पहले ही नेटवर्क ऑनलाइन कार्य करने में बाधा बन रहा है।
नेटवर्क के कारण शिक्षकों को छात्रों की ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करने में परेशानी का सामना करना पड़ेगा। सरकार ऑनलाइन हाजिरी शुरू करने के आदेश तो दे रही है लेकिन उपकरण भी उपलब्ध नहीं कराए हैं, और न ही उपकरण खरीदने के लिए ग्रांट जारी की गई है। जिसका शिक्षक विरोध करेंगे। विरोध प्रदर्शन के बाद शिक्षकों ने बीएसए संजय कुमार तिवारी के बैठक पर होने की जानकारी के बाद जिला समन्वयक सामुदायिक शिक्षा प्रवीण सिंह को मुख्यमंत्री व शिक्षामंत्री को संबोधित ज्ञापन दिया।
ज्ञापन में शिक्षकों को राज्य कर्मचारियों की भांति चिकित्सा व अन्य सुविधाएं, ईएल/हाफ सीएल की सुविधा, विद्यालयों में लिपिक की नियुक्ति सहित अन्य समस्याओं का समाधान कराने की मांग की। विद्यालय नियुक्त लिपिक से ही डिजिटलाइजेशन व ऑनलाइन उपस्थिति की व्यवस्था कराने तथा शिक्षकों पर अनावश्यक दबाव न बनाने की मांग भी की।
इस मौके पर श्रीराम सोनी, रमाकांत मौर्य, अनिल यादव, प्रवीण कुमार, राम प्रताप रावत, प्रवीण कुमार सिंह, श्याम बहादुर सिंह, ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह समेत बड़ी संख्या में शिक्षक मौजूद रहे।