अमेठी सिटी। प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक विद्यालयों के प्रस्तावित विलय और युग्मन के खिलाफ उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के पदाधिकारियों ने मंगलवार को सांकेतिक धरना देकर विरोध जताया। बीएसए कार्यालय परिसर में हुए इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में शिक्षकों ने भाग लिया और फिर जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन अतिरिक्त मजिस्ट्रेट को सौंपा।
संघ के प्रांतीय अध्यक्ष डॉ. दिनेश चंद्र शर्मा के निर्देश पर आयोजित धरने की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष अशोक कुमार मिश्रा ने की। उन्होंने कहा कि सरकार 50 से कम छात्र संख्या वाले विद्यालयों को बंद कर रही है, जो न सिर्फ शिक्षा व्यवस्था, बल्कि ग्रामीण समाज की जरूरतों के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि इस कदम से हजारों शिक्षकों, छात्रों और रसोइयों का भविष्य प्रभावित होगा। जिला मंत्री अरुण कुमार सिंह ने कहा कि यह निर्णय दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाली बालिकाओं की शिक्षा में बाधा उत्पन्न करेगा।
शिक्षकों ने एक स्वर में सरकार से निर्णय पर पुनर्विचार की मांग की। वक्ताओं ने कहा कि जो स्कूल वर्षों से गांव की पहचान बने हुए हैं, उन्हें इस तरह से समेटना जनविरोधी फैसला है। धरने में प्रमुख रूप से शशांक शुक्ल, राजेश कुमार गुप्ता, वीरेंद्र कुमार यादव और शिव प्रताप मिश्र मौजूद रहे। प्रदर्शन के बाद शिक्षक प्रतिनिधिमंडल ने अतिरिक्त मजिस्ट्रेट से मिलकर ज्ञापन सौंपा। मांग की कि प्रस्तावित विलय नीति को तत्काल रोका जाए और ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा की जमीनी हकीकत को ध्यान में रखकर निर्णय लिया जाए। शिक्षकों ने चेतावनी दी कि अगर जल्द ही कोई सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो संघ बड़े आंदोलन की राह अपनाएगा।