अमेठी सिटी। यूपी बोर्ड परीक्षा बृहस्पतिवार से शुरू हो रही है। अभिभावक बच्चाें पर अच्छे अंक लाने के लिए दबाव न बनाएं। बच्चों के साथ अपने अनुभवों को साझा करें तथा उनकी दिनचर्या का ध्यान रखें। बच्चों का उत्साहवर्धन करते हुए परेशानी दूर करने में सहयोग करें। परीक्षार्थी ने साल भर जो पढ़ा है उसे दोहराते रहें। इससे बोर्ड परीक्षा में अंक अच्छे आएंगे। यह बातें परीक्षा पर चर्चा के दौरान जिला अस्पताल में कार्यरत मनोचिकित्सक डॉ. वीर विक्रम सिंह ने कही।
मनोचिकित्सक ने विद्यार्थियों को तनाव मुक्त परीक्षा की तैयारी करने का परामर्श दिया। बोर्ड परीक्षा में अच्छे अंकों से पास होने के लिए बच्चे दिन-रात पढ़ाई कर रहे हैं। कुछ बच्चों में जुनून इतना है कि वह खाना, पीना और सोना तक छोड़ चुके हैं। क्षमता से अधिक पढ़ाई का बोझ उठा रहे बच्चे सिर दर्द का शिकार हो रहे हैं।
जिला अस्पताल के मनोचिकित्सा विभाग में प्रतिदिन ऐसे चार बच्चे आ रहे हैं जो तनाव और नींद न आने की समस्या से जूझ रहे हैं। इससे स्मरण शक्ति भी कम हो रही है। कुछ मामले इतने गंभीर हैं कि उन्हें दवाएं देकर इस समस्या से बाहर निकालने का प्रयास किया जा रहा है। इन बच्चों की विशेषज्ञ काउंसिलिंग कर रहे हैं, जबकि कुछ को तो दवाइयों का सेवन करने का परामर्श दे रहे हैं। अभिभावकों ने अपने बच्चों को जो अधिक अंक लाने का दबाव बनाया हुआ है वह उन्हीं के बच्चों के लिए तनाव का मुख्य कारण बन रहा है।
इनसेट
मूल मंत्र : परीक्षा की टेंशन न लें, खुद पर भरोसा रखें
- पढ़ाई का एक टाइम टेबल बनाएं। कठिन चीजों को अलग कर लें।
- आठ घंटे की नींद जरूरी है। जिससे याददाश्त को बढ़ावा मिलेगा।
- चाय, कॉफी, कोल्ड ड्रिंक व तले भोजन से बचें।
- प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट से भरपूर डाइट लें।
-तनाव कम करने को योग करें व लाइट म्यूजिक सुनें।
- मेधावी अपनी दिनचर्या में बदलाव न करें।
- हल्का भोजन करें, जिससे सुस्ती न आए।
- परीक्षा को लेकर अनावश्यक बातें न सोंचे। यह जीवन का पहला पड़ाव है।अभिभावक ध्यान दें
- बच्चों की बात सुनें और मित्र जैसा व्यवहार रखें।
- बच्चों को संतुलित आहार दें।
- तनाव वाली बातों से हटकर उन्हें प्रोत्साहित करें।