गौरीगंज (अमेठी)। जिले में संचालित गैर मान्यता प्राप्त मदरसों का सर्वे करने के साथ ही स्थलीय जांच शुरू हो गई है। अब तक सर्वे में 40 मदरसे चिह्नित करने के बाद टीम स्थलीय सत्यापन करने में जुटी है। जांच में टीम को मदरसों में सुविधाओं की कमी मिल रही है। कई मदरसों की मान्यता शासन से रद्द किए गए नदवा संस्था होने की बात सामने आ रही है।
शासन के निर्देश पर अल्पसंख्यक कल्याण विभाग जिले में संचालित मान्यता प्राप्त/ अनुदानित मदरसों पर मौजूद सुविधाओं के साथ गैर मान्यता प्राप्त संचालित मदरसों की जांच में जुटा है। जांच पूरी हो सके इसके लिए डीएम के निर्देश पर तहसीलवार तहसीलदार व बीईओ तो जिले में बीएसए, एसडीएम तथा जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी की टीम गठित की गई है।
गठित टीम ने अब तक जिले में बिना मान्यता संचालित 40 मदरसों को चिह्नित किया है। इन मदरसों में आठ मदरसों की जांच बुधवार को प्रभारी अल्प संख्यक कल्याण अधिकारी नरेंद्र पांडेय ने टीम के साथ की। जांच के दौरान मदरसों में प्रसाधन, विद्युत, फर्नीचर व साफ-सफाई समेत कई अन्य अवस्थापना सुविधाओं की कमी मिली है।
टीम मदरसों की जांच में मिली कमियां व आय से जुड़ी कोई भी जानकारी अधिकृत रूप में देने को तैयार नहीं है। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी ने बताया कि सभी मदरसों की जांच के बाद रिपोर्ट कार्रवाई की संस्तुति के साथ शासन को भेजी जाएगी।
जांच के लिए गठित टीम को सत्यापन के दौरान मदरसे का नाम, संचालन करने वाली संस्था का नाम, स्थापना वर्ष, मदरसे की अवस्थिति का संपूर्ण विवरण, मदरसे में विद्यार्थी सुरक्षा के प्रबंध, भवन, पेयजल, प्रसाधन, फर्नीचर, विद्युत व प्रसाधन, विद्यार्थियों की संख्या, शिक्षकों की संख्या, मदरसे में लागू पाठ्यक्रम, आय का स्रोत, क्या मदरसे के विद्यार्थी अन्य स्कूल में नामांकित हैं तथा जिस गैर सरकारी समूह/ संस्था से मदरसे की संबद्धता है उसका विवरण की जांच करनी है।