जामों (अमेठी)। श्रीमद्भागवत कथा बड़े से बड़े पापियों को भी पापमुक्त कर देती है। जो व्यक्ति भागवत कथा आत्मसात कर लेता है, वह सांसारिक दुखों से मुक्त हो जाता है। भागवत कथा सुनने से सभी कष्ट दूर हो जाते हैं।
ये बातें क्षेत्र के हरगांव में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के अंतिम दिन शनिवार को प्रवाचक राजेश तिवारी निर्मोही ने श्रीकृष्ण-सुदामा प्रसंग की कथा सुनाते हुए कहीं।
प्रवाचक ने कहा कि सुदामा के पास कृष्ण नाम का धन था। वह संसार की दृष्टि में गरीब तो थे, लेकिन दरिद्र नहीं थे। उन्होंने अपने जीवन में किसी से कुछ मांगा नहीं। पत्नी सुशीला के बार-बार कहने पर सुदामा अपने मित्र कृष्ण से मिलने गए। भगवान के पास जाकर भी कुछ नहीं मांगा। भगवान अपने स्तर से सब कुछ दे देते हैं। दत्तात्रेय जी के चौबीस गुरु के बारे में बताया। व्यासजी ने कलयुग का विस्तृत वर्णन कर परीक्षित मोक्ष की कथा का रसपान कराया। इस मौके पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।