अमेठी सिटी। अवैध तरह से उन्नाव से प्रतापगढ़ भेजे जा रहे करीब 1845 लीटर टमाटर सॉस व सिरका को खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने घटिया मानते हुए नष्ट कराया है। जिस वाहन से इस सामग्री का परिवहन किया जा रहा था, उस पर सेना ड्यूटी लिखा था। जांच के दौरान वाहन में मौजूद सॉस के गैलन व सिरका शीशी पर इस्तेमाल सामग्री का उल्लेख भी नहीं था। मांगने पर चालक खाद्य सुरक्षा व ई-वे बिल सहित सामग्री से जुड़ा कोई वैध दस्तावेज भी नहीं दिखा पाया।
उन्नाव से जैन फूड नाम से एक पिकअप वाहन में सॉस व सफेद सिरका को पांच लीटर के गैलन में भरकर प्रतापगढ़ जिले में भेजा गया था। सोमवार को खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने टांडा-बांदा हाईवे पर सेना ड्यूटी लिखे इस वाहन को जांच के लिए रोक कर चालक अखिलेश कुमार अवस्थी से वाहन में मौजूद सामान के बारे में पूछा गया। चालक ने बताया कि वह सेना में जूते सप्लाई करने का काम करता है, वही माल वाहन में मौजूद है। लेकिन मांगने पर वह इससे जुड़ा कोई कागजात नहीं दिखा सका।
संदेह होने पर जब एफएसडीए की टीम ने वाहन का भौतिक सत्यापन किया तो अंदर गैलन व बोतल में टमाटर, चिली सॉस के साथ सफेद सिरका लोड मिला। चालक वाहन में मौजूद सामग्री से जुड़ा कोई भी वैध कागजात नहीं दिखा पाया। मामले की जानकारी उच्चाधिकारियों को देने के साथ ही सप्लाई की जा रही सामग्री के नमूने मौके से लेकर प्रयोगशाला जांच के लिए भेजे गए। खाद्य सुरक्षा अधिकारी रमाशंकर पटेल व जावेद अख्तर सिद्दीकी की मौजूदगी में प्रथम दृष्टया अवैध तरह से सप्लाई हो रही सामग्री को घटिया गुणवत्ता का मानते हुए लोदी बाबा धाम के समीप नाले के पास सुरक्षित तरह से नष्ट कराया गया।
चाऊमीन व मोमोज के ठेलों पर आपूर्ति
खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि घटिया गुणवत्ता के साथ तैयार सस्ती कीमत का सॉस व सिरका मुख्य तौर पर चाऊमीन व मोमोज के ठेलों पर खपाया जाता है। प्लास्टिक के गैलन में तैयार साढ़े चार लीटर टमाटर सॉस को 48 रुपये कीमत पर बेचा जाता है। इसी तरह एक लीटर के सफेद सिरका की बोतल को 10 से 12 रुपये प्रति लीटर की दर से सप्लाई किया जाता है।
कद्दू व चीनी से तैयार होता घटिया सॉस
माल का परिवहन कर रहे पिकअप चालक ने बताया कि वह कंपनी के अंदर एक माह कार्य कर चुका है। वहां टमाटर सॉस को कद्दू व चीनी डालकर तैयार किया जाता है। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने बताया कि लंबे समय तक इसे खराब होने से बचाने के लिए सेहत के लिए खतरनाक रसायनों का इस्तेमाल भी किया जाता है।
बिना फूड लाइसेंस बन रहा था सॉस व सिरका
वाहन में पकड़ा गया सॉस व सिरका उन्नाव की जैन फूड नाम की फर्म बना रही थी। जांच में सामने आया कि खाद्य सुरक्षा से जुड़ा फर्म लाइसेंस भी बहुत पहले ही निरस्त हो चुका था। ऐसे में कंपनी को इसका उत्पादन व आपूर्ति करने का अधिकार ही नहीं था। इसे बनाने में किस सामग्री का कितनी मात्रा में प्रयोग किया गया, इसका भी कोई विवरण दर्ज न मिलने से प्रथम दृष्टया इसे घटिया गुणवत्ता का मानते हुए मौके पर ही नष्ट कराया गया।
-राजेश द्विवेदी, सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा विभाग