जगदीशपुर के इमली गांव के उर्स-ए-पाक समारोह में जुटे अकीदतमंद।-संवाद
कमरौली। इमली गांव में रविवार रात सूफी संत सैयद जलाल अशरफ रहमतुल्लाह अलैह का 43वां उर्स-ए-पाक अकीदत और शानो-शौकत के साथ मनाया गया। उर्स का आयोजन उनके नायब व सज्जादानशीन सैयद मेराज अशरफ की सरपरस्ती में जेएस कमेटी ने किया। उर्स में आसपास के जिलों से पहुंचे हजारों जायरीन ने दरगाह पर चादर और फूल पेश कर मुरादें मांगीं।
दिनभर लंगर चलता रहा। परिवारों और बच्चों ने मेले का आनंद लिया। उर्स की महफिल में इंटरनेशनल कव्वाल चांद कादरी और साकिब अली साबरी ने कलाम पेश कर समा बांध दिया। समापन पर अमीर खुसरो का रंग पढ़ा गया और कुल शरीफ की रस्म के बाद जायरीन में शीरनी बांटी गई। सज्जादानशीन सैयद मेराज अशरफ ने कहा कि मुल्क को बचाना है तो इंसाफ, मोहब्बत और आपसी भाईचारे को मजबूत करना होगा। रंग-नस्ल का भेद मिटाकर जरूरतमंदों की मदद करें, भूखों को खाना खिलाएं और माफ करना सीखें। यही सूफियों की असल तालीम है।
खानकाह के शहजादे सैयद आमिर, सैयद आसिफ, सैयद अहमद सहित जिले के उलेमा-ए-कराम बड़ी संख्या में मौजूद रहे। सुरक्षा की दृष्टि से भाले सुल्तान शहीद स्मारक थाना प्रभारी तनुज पाल के नेतृत्व में पुलिस मुस्तैद रही। इस मौके पर सपा नेता मो. नईम, पूर्व राज्यमंत्री अब्बास अली जैदी, सपा नेता अनीस राजा, अलाउद्दीन खां, इमरान सिद्दीकी, कांग्रेस नेता विजय पासी, मो. मुस्लिम, फरहान अनवर, अकमल हुसैन, अशफाक शालू, आरिफ सारस, अल्तमश आदि मौजूद रहे।