राजाफत्तेपुर के विद्युत उपकेंद्र सेमरौता में विद्युत लाइन पर गिरा पेड़। -संवाद
अमेठी सिटी। बिजली कटौती से जूझ रहे लोगों पर आंधी और बारिश की आफत कहर बनकर टूटी। शुक्रवार भोर में आई आंधी में पेड़ गिरने से बिजली की लाइनें क्षतिग्रस्त हो गईं। आंधी और बारिश के बाद जिले में बिजली व्यवस्था चरमरा गई। कई स्थानों पर पेड़ और डालियां बिजली लाइनों पर गिरने से आपूर्ति ठप हो गई।
कहीं ट्रांसफार्मर खराब हुए तो कहीं हाईटेंशन लाइन में फाॅल्ट आ गया। बिजली आपूर्ति ठप होने से लोगों को पेयजल संकट व अन्य समस्याओं से जूझना पड़ा। महोना और बाजारशुकुल उपकेंद्र से जुड़े क्षेत्रों में करीब 10 घंटे बिजली आपूर्ति बंद रही। इससे एक लाख से अधिक आबादी प्रभावित हुई। रातभर लोग गर्मी और उमस से परेशान रहे, जबकि सुबह पानी की मोटर बंद रहने से पेयजल संकट खड़ा हो गया।
फुरसतगंज के डिघिया, टेकारी, उदारी और फुरसतगंज फीडर की बिजली आठ घंटे तक बंद रही। दुकानदारों का कारोबार प्रभावित हुआ। घरों में इनवर्टर जवाब दे गए और मोबाइल तक चार्ज नहीं हो सके। जगदीशपुर में ट्रांसफार्मर में खराबी आने से करीब 500 घरों की बिजली आपूर्ति बाधित रही। पानी की मोटर बंद रहीं और लोगों को घरेलू कार्यों में परेशानी उठानी पड़ी।
तार टूटने से आपूर्ति प्रभावित
अमेठी। गंगागंज, गायत्रीनगर और बेनीपुर उपकेंद्र से जुड़े कई गांवों में तार टूटने से घंटों बिजली आपूर्ति बंद रही। इसयसे लोगों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ा। जामों में 33 हजार वोल्ट लाइन में फाॅल्ट आने से भोर चार से दोपहर तक बिजली नहीं मिली। उपभोक्ता बिजली बहाली का इंतजार करते रहे, जबकि पानी और अन्य जरूरी काम प्रभावित रहे।