अमेठी सिटी। राजीव गांधी पॉलिटेक्निक के नाम पर कूटरचित नियुक्ति पत्र और वेतन परची तैयार कर एसबीआई से 6.40 करोड़ रुपये का क्रेडिट ऋण लेने के मामले में आरोपी अंकित शुक्ल और पुष्पा देवी को फिलहाल गिरफ्तारी से राहत मिली है। जिला जज सुल्तानपुर सुनील कुमार ने दोनों की गिरफ्तारी पर रोक लगाते हुए नियमित अग्रिम जमानत अर्जी पर सुनवाई के लिए 17 सितंबर की तारीख तय की है। अभियोजन प्रपत्र तलब करते हुए मामले को अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम की अदालत में स्थानांतरित किया गया है।
मुसाफिरखाना स्थित राजीव गांधी पॉलिटेक्निक के मुख्य प्रबंधक राहुल सिंह ने 18 अगस्त को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप है कि भीखीपुर निवासी अंकित शुक्ल और बेसारा पूरब निवासी पुष्पा देवी समेत अमित द्विवेदी, भवानी द्विवेदी, रामादेवी, देवेंद्र प्रसाद शुक्ल, उमाशंकर दूबे, अजय त्रिपाठी, दुर्गेश यादव, सरोज कुमार व अन्य ने संस्था के नाम से फर्जी नियुक्ति पत्र और वेतन परची तैयार की।
आरोप के मुताबिक इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर एसबीआई से 6.40 करोड़ रुपये का क्रेडिट ऋण लिया गया। संस्था प्रबंधन को जानकारी होने पर मुख्य प्रबंधक ने मामले की शिकायत दर्ज कराई। मामले में नामजद अंकित शुक्ल और पुष्पा देवी ने गिरफ्तारी की आशंका जताते हुए जिला जज की अदालत में अग्रिम जमानत अर्जी दाखिल की थी। सुनवाई के दौरान अदालत ने दोनों की गिरफ्तारी पर रोक लगाई। हाईकोर्ट की विधि व्यवस्था के तहत अग्रिम जमानत अर्जी के निस्तारण तक दोनों को सशर्त अंतरिम राहत मिली है। नियमित अग्रिम जमानत पर 17 सितंबर को सुनवाई होगी।