अमेठी। कोरोना जांच के लिए सैंपल देने के समय लगातार नाम, पता व मोबाइल नंबर गलत लिखाने पर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार किया है। पिछले कुछ दिनों में कई लोगों द्वारा गलत पता दर्ज कराने के बाद जांच के लिए राजकीय दस्तावेज लेकर आना अनिवार्य कर दिया गया है।
सीएमओ ने इस संबंध में सभी सीएचसी अधीक्षक व मोबाइल यूनिट प्रभारी को पत्र जारी किया है। पत्र में सैंपलिंग से पहले दस्तावेज के अनुसार पता अंकित करने व मोबाइल नंबर तत्काल जांचने को कहा गया है।
कोविड-19 संक्रमण को नियंत्रित कर जिले को संक्रमण मुक्त बनाने के लिए डीएम अरुण कुमार के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग 13 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के साथ तीन मोबाइल यूनिट के माध्यम से संभावित संक्रमितों की लगातार सैंपलिंग कराने में जुटा है।
सैंपलिंग के दौरान लोगों द्वारा लगातार नाम, पता व मोबाइल नंबर गलत लिखाने से पॉजिटिव मिलने के बाद उनकी पहचान नहीं हो पा रही है। कोरोना संक्रमित की पहचान में हो रही परेशान तथा बीते अलग-अलग तिथि में गलत पते व मोबाइल नंबर पर मिले संक्रमित की पहचान नहीं होने पर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार किया है।
डीएम अरुण कुमार के निर्देश पर सीएमओ डॉ. राजेश मोहन श्रीवास्तव ने सभी सीएचसी अधीक्षक व मोबाइल मेडिकल यूनिट प्रभारी को पत्र जारी किया है। पत्र में सैंपलिंग से पहले राजकीय दस्तावेेज (आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, बैंक पासबुक आदि) से नाम, पता अंकित करने के बाद मोबाइल नंबर चेक करने का निर्देश दिया गया है।
सीएमओ ने जांच रिपोर्ट के बाद संक्रमित का नाम, पता व मोबाइल नंबर गलत होने पर जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी है। सीएमओ ने बताया कि प्रशासन जिले के आम लोगों को कोरोना से बचाने के लिए रात-दिन काम कर रहा है। ऐसे में कुछ लोग गलत नाम, पते से सैंपलिंग कराकर न सिर्फ क्षेत्र में संक्रमण बढ़ा रहे हैं बल्कि अपने साथ लोगों को भी संक्रमित करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं।