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Amethi News: समितियों पर कहीं लटका ताला तो कहीं दी जा रही नैनो

Sun, 13 Jul 2025 12:14 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
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दरपीपुर समिति से डीएपी ले जाते किसान।   -संवाद
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अमेठी सिटी। मौजूदा समय में डीएपी की मांग बढ़ी है। किसानों की मांग के अनुरूप खाद की उपलब्धता नहीं है। कहीं समितियों पर ताला लटक रहा है तो कहीं डीएपी के साथ नैनो थोपी जा रही है। परेशान किसान या तो निजी दुकानों से खाद लेने के लिए मजबूर हो रहे हैं या फिर समितियों में डीएपी आने के इंतजार में बैठे हैं। इस वजह से धान की रोपाई प्रभावित हो रही है।
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अमेठी सहित कई ब्लॉकों की समितियों व इफको केंद्रों पर अभी तक डीएपी नहीं पहुंची है जबकि विभाग पर्याप्त डीएपी होने का दावा कर रहा है।


बाबूपुर स्थित साधन सहकारी समिति पर ताला बंद मिला। समिति के पास मौजूद लोगों ने बताया कि कई किसान खाद लेने आए लेकिन ताला बंद देखकर मायूस हो लौट गए। डीएपी न मिलने के कारण धान की रोपाई पिछड़ रही है।

जिला मुख्यालय पर जीजीआईसी मोड़ के पास स्थित माधवपुर साधन सहकारी पर भी ताला लटकता मिला। शुक्रवार को भी यहां सन्नाटा पसरा था। स्थानीय लोगों ने बताया कि पहले समिति पर डीएपी थी। दो दिनों से यहां भी समस्या है। किसान आते हैं और मायूस होकर लौट जाते हैं।
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साधन सहकारी समिति जगदीशपुर में किसानों की भीड़ दिखी। यहां 200 बोरी डीएपी पहुंची थी। किसानों को दो बोरी से अधिक डीएपी नहीं दी जा रही थी। यूरिया मात्र एक बोरी दी जा रही थी। किसान इस्माइल, इंतजार, अनुराग, सुरेश मौर्य ने बताया कि कई दिनों से डीएपी के लिए परेशान थे। आज डीएपी मिल गई है। सचिव सतेंद्र विक्रम मिश्र ने कहा कि समिति पर 63 बोरी डीएपी व आठ बोरी यूरिया अभी है।

दरपीपुर साधन सहकारी समिति पर डीएपी व यूरिया थी। समिति पर पहुंचे किसान वीरेंद्र कुमार व श्याम कली को डीएपी व यूरिया मिल गई। सचिव राम मूरत ने बताया कि समिति पर 89 बोरी डीएपी व 59 बोरी यूरिया उपलब्ध है। वहीं, 12.30 बजे दुलापुर कला समिति पर ताला लटकता मिला। सचिव जितेंद्र सिंह ने बताया कि समिति पर डीएपी और यूरिया दोनों नहीं है।



गौरीगंज पहुंची डीएपी व एनपीके की रैक


धान रोपाई के बीच डीएपी की किल्लत से जूझ रहे किसानों को अब राहत मिलने लगी है। अमर उजाला में लगातार किसानों की परेशानी को लेकर खबरें प्रकाशित होने के बाद कृषि विभाग ने सक्रियता दिखाई। शनिवार शाम इफको की 17,400 क्विंटल डीएपी व एनपीके की रैक गौरीगंज रेलवे स्टेशन पर पहुंच गई। रैक से खाद सीधे इफको केंद्रों व साधन सहकारी समितियों पर भेजी जा रही है। इन दिनों जिले की कई समितियों व केंद्रों पर डीएपी और एनपीके खत्म हो चुकी थी। गोदाम खाली होने से किसान खाद के लिए भटक रहे थे। जिला कृषि अधिकारी डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि जुलाई में जिले को 25 हजार क्विंटल डीएपी की जरूरत है जिसमें से 10,200 क्विंटल डीएपी और 3,600 क्विंटल एनपीके की आपूर्ति हो चुकी है। रैक आने के बाद इफको क्षेत्रीय प्रबंधक शिशुपाल, विपणन निरीक्षक व संबंधित कर्मचारी उपस्थित रहे और खाद को केंद्रों तक पहुंचवाने में जुटे रहे।
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