जिला अस्पताल में प्रसूता के पौध वितरित करते सीएमओ व डीएफओ। स्वास्थ्य विभाग
अमेठी सिटी। पर्यावरण संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ने के लिए वन विभाग ने अनूठी पहल की है। जिले में एक से सात जुलाई के बीच किसी भी अस्पताल में जन्मे शिशुओं को ''ग्रीन गोल्ड प्रमाणपत्र'' और एक पौधा भेंट किया जाएगा। इस प्रमाणपत्र में शिशु का नाम, जन्मतिथि और पौधे का विवरण अंकित होगा। उद्देश्य यह है कि बच्चा और पौधा एक साथ पले-बढ़ें, और परिवारों में हरियाली से जुड़ाव गहराए।
मंगलवार को जिला अस्पताल में सीएमओ डॉ. अंशुमान सिंह और प्रभागीय वनाधिकारी रणवीर मिश्र ने चार प्रसूताओं और उनके परिजनों को पौधे सौंपे और पर्यावरण बचाने का संदेश दिया। यह कार्यक्रम पौधरोपण महाभियान-2025 और वन महोत्सव सप्ताह के अंतर्गत संचालित किया जा रहा है।
प्रभागीय वनाधिकारी रणवीर मिश्र ने बताया कि इस अभियान से लोगों में प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी और लगाव बढ़ेगा। पहले भी ‘एक पेड़ मां के नाम’ और ‘रक्षाबंधन वाटिका’ जैसी योजनाओं ने सकारात्मक असर रहा है। अब नवजीवन के प्रतीक पौधे को परिवार से जोड़कर भावनात्मक रिश्ता भी जोड़ा जा रहा है। सीएमओ ने सभी सीएचसी, पीएचसी और जिला अस्पताल को निर्देशित किया है कि जन्म की सूचना समय से वन विभाग को उपलब्ध कराई जाए ताकि प्रमाणपत्र और पौधे समय से दिए जा सकें।
प्रधान मुख्य वन संरक्षक के निर्देश पर यह अनूठी पहल शुरू की गई है। इससे लोगों को पौधरोपण से भावनात्मक रूप से जोड़ने में मदद मिलेगी।
– रणवीर मिश्र, प्रभागीय वनाधिकारी